स्वास्थ्य

Navratri Stress Relief: नवरात्रि में व्रत के दौरान घबराहट और तनाव, वेबएमडी से जानिए कारण और बचने के उपाय

Navratri Stress Relief: नवरात्रि व्रत में घबराहट या एंग्जायटी महसूस होती है? वेबएमडी और नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन (PMC) से जानिए इसके पीछे का कारण और इससे बचने के 5 उपाय।
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Oct 19, 2026
A person meditating peacefully during Navratri fasting to reduce anxiety and stress.
नवरात्रि व्रत के दौरान माइंडफुलनेस (ध्यान) का अभ्यास करना, भरपूर पानी पीना और संतुलित भोजन खाना एंग्जायटी और तनाव को दूर रखने में मदद कर सकता है- प्रतीकात्मक तस्वीर (source- Gemini)

Navratri Stress Relief: नवरात्रि के पवित्र दिनों में हम देवी दुर्गा की पूजा-अर्चना करते हैं और कई लोग नौ दिनों का उपवास रखते हैं। व्रत रखने से शरीर की सफाई होती है और मन को शांति मिलती है, लेकिन कई बार व्रत के दौरान अचानक घबराहट (Anxiety), चिड़चिड़ापन, सिरदर्द या बेचैनी महसूस होने लगती है। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो चिंता की कोई बात नहीं है। यह बेहद सामान्य बात है। आइए समझते हैं कि व्रत में ऐसा क्यों होता है और इससे बचने या इसको कम करने के लिए क्या उपाय अपनाए जा सकते हैं।

व्रत में घबराहट और चिड़चिड़ापन क्यों होता है?

जब हम अचानक रोज का खाना-पीना छोड़कर उपवास रखने लगते हैं, तो हमारे शरीर का पूरा रूटीन बदल जाता है। वेबएमडी (WebMD) के स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, जब हम लंबे समय तक भूखे रहते हैं या अचानक कार्बोहाइड्रेट्स कम कर देते हैं, तो हमारे खून में शुगर (ग्लूकोज) का स्तर तेजी से गिरता है। हमारे दिमाग को चलने के लिए ग्लूकोज की जरूरत होती है, शुगर कम होते ही दिमाग तनाव के संकेत देने लगता है, जिससे चिड़चिड़ापन और घबराहट महसूस होती है।

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन (PMC) में प्रकाशित शोध के अनुसार, शरीर में पानी की थोड़ी सी भी कमी हमारे मूड, सोचने की क्षमता और तनाव के स्तर पर सीधा असर डालती है। व्रत में पानी कम पीने से सिरदर्द और एंग्जायटी बढ़ जाती है। चाय-कॉफी का ज्यादा सेवन: खाली पेट बार-बार चाय या कॉफी पीने से पेट में एसिड बनता है और दिल की धड़कन तेज हो जाती है। हमारा दिमाग इस तेज धड़कन को 'घबराहट' समझ लेता है।

1. व्रत के दौरान ब्लड शुगर को रखें संतुलित

भूखे रहने की समयावधि लंबी हो जाती है, जिससे लो ब्लड शुगर की समस्या होती है। इसे रोकने के लिए;

  • अत्यधिक तला-भुना खाने से बचें।
  • पूरी या पकौड़ी की जगह कुट्टू या सिंघाड़े के आटे की रोटी या चीला बनाएं।
  • अपने आहार में मखाना, भुनी हुई मूंगफली और उबले आलू को सीमित और सही मात्रा में शामिल करें।
  • थोड़े-थोड़े अंतराल पर कुछ न कुछ हल्का खाते रहें।

2. डिहाइड्रेशन से बचें, भरपूर मात्रा में पिएं तरल पदार्थ

  • दिनभर में कम से कम 8-10 गिलास पानी जरूर पिएं।
  • सादे पानी के अलावा नारियल पानी, छाछ, नींबू पानी और लस्सी को अपनी डाइट में शामिल करें।
  • नारियल पानी में मौजूद इलेक्ट्रोलाइट्स दिमाग को शांत रखने और एंग्जायटी को दूर करने में बेहद मददगार होते हैं।

3. चाय-कॉफी की जगह लें हर्बल टी या छाछ

खाली पेट ज्यादा चाय या कॉफी पीने से पेट में एसिडिटी बनती है और हार्ट रेट (धड़कन) बढ़ सकती है, जिसे दिमाग अक्सर एंग्जायटी मान लेता है।

  • दिन में 2-3 कप से ज्यादा चाय न पिएं।
  • कैफीन की जगह सौंफ का पानी, पुदीने की छाछ या तुलसी-अदरक की हर्बल टी पिएं।

4. माइंडफुल ब्रीदिंग और हल्की वॉक

  • जब भी घबराहट महसूस हो, तुरंत अपनी सांसों पर ध्यान केंद्रित करें।
  • 4 सेकंड तक नाक से सांस अंदर लें, 7 सेकंड तक रोकें और 8 सेकंड में मुंह से धीरे-धीरे छोड़ें। इसे 5-10 बार दोहराएं।
  • सुबह या शाम को 15-20 मिनट खुली हवा में हल्की वॉक करें।
  • रात में 7 से 8 घंटे की सुकून भरी नींद जरूर लें।

नवरात्रि का व्रत शरीर को डिटॉक्स करने और मन को आध्यात्मिक शांति देने के लिए होता है। अपनी डाइट और लाइफस्टाइल का थोड़ा सा ध्यान रखकर आप एंग्जायटी से मुक्त रहकर नवरात्रि के पावन पर्व का पूरा आनंद ले सकते हैं।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Published on:
19 Oct 2026 07:00 am