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युवावस्था में थकान और नब्ज कमजोर पड़ना हो सकता है Pulseless Disease का संकेत, मेयो क्लिनिक से जानें सामान्य थकान से कैसे अलग है

Pulseless Disease: क्या हाथों में दर्द और कमजोर नब्ज को सामान्य थकान समझ रहे हैं? मेयो क्लिनिक और क्लीवलैंड क्लिनिक से जानें टकायासु आर्टेराइटिस (Takayasu Arteritis) के लक्षण और इसके गंभीर संकेतों को।
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भारत

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Nidhi Yadav

•

Oct 17, 2026

Doctor checking pulse on a patient's wrist to diagnose Takayasu arteritis symptoms and vascular inflammation

हाथों में दर्द और कमजोर या गायब होती नब्ज टकायासु आर्टेराइटिस (Takayasu Arteritis) का एक प्रमुख रेड फ्लैग हो सकता है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source-Freepik)

Pulseless Disease Cause: सुबह उठने पर हथेलियों में खिंचाव, थोड़ी दूर पैदल चलने पर बांहों की मांसपेशियों में क्रैम्प और रोजमर्रा के काम करते ही शरीर में छाने वाली वह गहरी थकावट, जिसे लोग अक्सर वर्कआउट, कमजोरी या भागदौड़ भरी जिंदगी का नतीजा मानकर नजरअंदाज कर देते हैं वास्तव में शरीर के भीतर सुलग रहे एक गंभीर खतरे की घंटी हो सकती है। मेयो क्लिनिक के अनुसार, जब कम उम्र के युवाओं में यह थकान और हाथों का दर्द आम नुस्खों या आराम से ठीक न हो, और डॉक्टर आपकी कलाई या बांह में ब्लड प्रेशर चेक करते वक्त नब्ज (Pulse) को बेहद कमजोर या गायब पाएं, तो यह शरीर के सबसे बड़े सिग्नल यानी टकायासु आर्टेराइटिस (Takayasu Arteritis) की ओर इशारा करता है। इसे चिकित्सा जगत में 'पल्सलेस डिजीज' (Pulseless Disease) भी कहा जाता है।

सामान्य थकान और टकायासु आर्टेराइटिस मेब फर्क को समझें

क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, रोजमर्रा की भागदौड़ वाली थकान और इस दुर्लभ ऑटोइम्यून बीमारी के कारण होने वाले शारीरिक बदलावों में जमीन-आसमान का फर्क होता है। यह समझना बेहद जरूरी है कि आपका शरीर अंदर से क्या चेतावनी दे रहा है। सामान्य थकान और दर्द (Normal Fatigue & Pain) काम के बोझ, नींद की कमी या डिहाइड्रेशन के कारण होती है। इसमें थोड़ा आराम करने, सही खान-पान और अच्छी नींद लेने से शरीर एनर्जेटिक महसूस करने लगता है। मांसपेशियों का दर्द भी कुछ घंटों या दिनों में गायब हो जाता है। वैस्कुलर थकान (Takayasu Arteritis) लाइफस्टाइल जनित थकान नहीं है। इसमें शरीर की मुख्य धमनी यानी महाधमनी (Aorta) और उससे निकलने वाली प्रमुख रक्त वाहिकाओं में अंदरूनी सूजन (Inflammation) आ जाती है।

शरीर के अंदर असल में क्या चल रहा होता है?

अंदरूनी ऑटोइम्यून प्रतिक्रिया के चलते इम्यून सिस्टम गलती से शरीर की स्वस्थ धमनियों को दुश्मन मानकर उन पर हमला कर देता है। परिणामस्वूप, धमनियों की दीवारें सूज जाती हैं, मोटी होने लगती हैं और धीरे-धीरे सिकुड़ने या संकरी (Narrowing) हो जाती हैं। जब धमनियां अंदर से ब्लॉक होने लगती हैं, तो हाथों, पैरों और अंगों तक पर्याप्त ऑक्सीजन युक्त खून नहीं पहुंच पाता। यही कारण है कि बांहों को उठाते ही उनमें दर्द होने लगता है (Extremity Claudication) और खून का प्रवाह बाधित होने से कलाई की नब्ज फीकी पड़ने लगती है या मिलनी बंद हो जाती है।

कब तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए?

यह बीमारी आमतौर पर 15 से 40 वर्ष की उम्र के युवाओं और खासकर महिलाओं को ज्यादा प्रभावित करती है। यदि नीचे दिए गए संकेत दिखाई दें, तो इसे सामान्य कमजोरी बिल्कुल न समझें;

  • एक या दोनों हाथों की कलाई में डॉक्टर द्वारा नब्ज ढूंढने में कठिनाई होना।
  • दोनों बांहों के ब्लड प्रेशर में बड़ा अंतर आना।
  • हाथ-पैरों में काम करते वक्त दर्द (क्लाउडिकेशन) आना।
  • लगातार हल्का बुखार, बिना किसी वजह के वजन घटना, रात में पसीना आना और जोड़ों में लगातार अकड़न रहना।
  • अचानक चक्कर आना, सिरदर्द रहना या आंखों के आगे धुंधलापन छाना।

टकायासु आर्टेराइटिस को यदि समय रहते डायग्नोस न किया जाए, तो यह आगे चलकर एन्यूरिज्म (धमनी का फटना या फूलना), हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट फेलियर या स्ट्रोक जैसी जानलेवा जटिलताओं का कारण बन सकता है। यदि ऐसे लक्षण लगातार बने हुए हैं, तो तुरंत किसी अच्छे रुमेटोलॉजिस्ट (Rheumatologist) या वैस्कुलर स्पेशलिस्ट से संपर्क करें। समय पर मिलने वाली स्टेरॉयड या एंटी-इन्फ्लेमेटरी थेरेपी से सूजन को नियंत्रित कर धमनियों को सुरक्षित रखा जा सकता है।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

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