
घाव के बाद टिटनेस से बचने के लिए क्या करें (photo- freepik)
Tetanus Prevention Tips: कई बार बागवानी करते समय, खेत में काम करते हुए या घर की मरम्मत के दौरान पैर में कील चुभ जाती है या किसी नुकीली चीज से गहरा घाव हो जाता है। अक्सर लोग घाव साफ करके बात खत्म मान लेते हैं। लेकिन अगर घाव गहरा हो या मिट्टी, धूल या गंदगी के संपर्क में आया हो, तो टिटनेस का खतरा बढ़ सकता है।
World Health Organization (WHO) के अनुसार, टिटनेस एक गंभीर बैक्टीरियल संक्रमण है, जो क्लॉस्ट्रिडियम टेटानि नामक बैक्टीरिया से होता है। यह बैक्टीरिया मिट्टी, धूल और जानवरों के मल में पाया जा सकता है। शरीर में घाव के जरिए प्रवेश करने पर यह ऐसा विष (Toxin) बनाता है, जो नसों और मांसपेशियों को प्रभावित करता है। अच्छी बात यह है कि टिटनेस से बचाव संभव है।
WHO और Centers for Disease Control and Prevention (CDC) के अनुसार, टिटनेस से बचने का सबसे प्रभावी तरीका टीकाकरण है। बचपन में लगने वाले टीकों के बाद समय-समय पर बूस्टर डोज भी जरूरी होती है। अगर पिछला टीका कई साल पहले लगा था और गहरा या गंदा घाव हो गया है, तो डॉक्टर बूस्टर लगाने की सलाह दे सकते हैं।
छोटा कट हो या गहरा जख्म, घाव को जल्द से जल्द साफ पानी और साबुन से धोना जरूरी है। यदि घाव में मिट्टी, जंग, लकड़ी का टुकड़ा या कोई बाहरी वस्तु फंसी हो, तो उसे खुद निकालने की कोशिश न करें। ऐसे में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
अगर चोट किसी जंग लगी कील, कांटे, धातु या मिट्टी से सने उपकरण से लगी है, तो सिर्फ घरेलू इलाज पर निर्भर न रहें। CDC के अनुसार, ऐसे मामलों में डॉक्टर यह तय करते हैं कि टिटनेस वैक्सीन या Tetanus Immune Globulin (TIG) की जरूरत है या नहीं।
अगर चोट लगने के कुछ दिनों बाद जबड़े में अकड़न, गर्दन में जकड़न, मांसपेशियों में ऐंठन, निगलने में परेशानी या शरीर में तेज अकड़न महसूस होने लगे, तो तुरंत अस्पताल जाएं। टिटनेस एक मेडिकल इमरजेंसी हो सकती है और समय पर इलाज बेहद जरूरी है।
घाव पर सिर्फ मलहम लगाने या दर्द की दवा लेने से टिटनेस से बचाव नहीं होता। अगर टीकाकरण की स्थिति स्पष्ट नहीं है या घाव गंभीर है, तो डॉक्टर की सलाह लेना सबसे सुरक्षित कदम है।
WHO के अनुसार, जिन लोगों का टिटनेस टीकाकरण पूरा नहीं हुआ है या जिन्होंने लंबे समय से बूस्टर डोज नहीं लगवाई है, उनमें संक्रमण का खतरा अधिक हो सकता है। खेतों में काम करने वाले, निर्माण कार्य से जुड़े लोग और ऐसे व्यक्ति जिन्हें अक्सर चोट लगने का जोखिम रहता है, उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
WHO का कहना है कि टिटनेस एक वैक्सीन से रोकी जा सकने वाली बीमारी है, लेकिन एक बार संक्रमण होने के बाद यह गंभीर रूप ले सकती है। वहीं CDC के अनुसार, टिटनेस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता, बल्कि बैक्टीरिया घाव के जरिए शरीर में प्रवेश करता है। इसलिए समय पर टीकाकरण, घाव की सही देखभाल और जरूरत पड़ने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेना टिटनेस से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
09 Jul 2026 04:25 pm
Published on:
09 Jul 2026 04:25 pm
