
250 मिलीलीटर के हेल्दी दिखने वाले पैकेट में 5 चम्मच से भी ज्यादा चीनी हो सकती है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)
No Added Sugar In Hindi: सोचिए, आप अपने बच्चे के लिए सुपरमार्केट से आम या अनार के जूस का एक टेट्रा पैक (Tetra Pak) खरीदते हैं। पैकेट के आगे बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा है 100% नेचुरल, नो ऐडेड शुगर (यानी ऊपर से कोई चीनी नहीं मिलाई गई)। आप खुश हो जाते हैं कि आपने बच्चे को एक हेल्दी ड्रिंक दी है। लेकिन क्या आपने कभी उस पैकेट को पलटकर उसके पीछे लिखी बारीक लाइनों को पढ़ा है? कई बार उस 250 मिलीलीटर के हेल्दी दिखने वाले पैकेट में 5 चम्मच से भी ज्यादा चीनी होती है! वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) और क्लीवलैंड क्लिनिक से समझें कि फल खाने और उसका जूस पीने में क्या अंतर है?
चेन्नई के रेविवो क्लिनिक के डॉक्टर अरुण राघवन के मुताबिक, नो ऐडेड शुगर का सीधा सा मतलब सिर्फ इतना होता है कि कंपनी ने पैकेट को पैक करते समय ऊपर से अलग से सफेद चीनी (टेबल शुगर) नहीं डाली है। लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि उस प्रोडक्ट में चीनी है ही नहीं! कानूनन वे सही हैं कि उन्होंने ऊपर से चीनी नहीं मिलाई, लेकिन वो जो फलों का रस या गन्ने का रस उसमें पहले से है, वह आपके शरीर में उतनी ही चीनी पहुंचाता है जितनी एक नॉर्मल कोल्ड ड्रिंक पहुंचाती है।
डॉ. विपुल अग्रवाल (MBBS, MD, FAGE, CPCDM, RSSDI) फिजिशियन एवं डायबेटोलॉजिस्ट कहते हैं कि जूस पीने से बेहतर है कि आप पूरा फल खाएं। इसके पीछे एक बहुत बड़ा वैज्ञानिक कारण है, जब आप पूरा फल खाते हैं तो फल में भरपूर मात्रा में फाइबर (fibre) और न्यूट्रिएंट्स होते हैं। क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, यह फाइबर हमारे शरीर में चीनी (Fructose) को बहुत धीरे-धीरे सोखने देता है। इससे हमारा ब्लड शुगर अचानक से नहीं बढ़ता। जब किसी फल का जूस निकाला जाता है, तो उसका सारा फाइबर बाहर निकल जाता है। बिना फाइबर का जूस जैसे ही आपके पेट में जाता है, वह बिल्कुल नॉर्मल चीनी की तरह व्यवहार करता है। शरीर में अचानक से शुगर लोड बढ़ जाता है, जिससे लिवर पर दबाव पड़ता है।
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) के अनुसार, एक वयस्क इंसान को पूरे दिन में अपनी कुल एनर्जी का 10% से कम (और बेहतर स्वास्थ्य के लिए 5% से कम) ही फ्री शुगर लेनी चाहिए। दिनभर में 6 चम्मच (लगभग 25 ग्राम) से ज्यादा फ्री शुगर नहीं खानी चाहिए। जबकि जूस का सिर्फ एक छोटा पैकेट ही आपकी पूरे दिन की लिमिट को पार कर देता है!
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
09 Jul 2026 03:57 pm
Published on:
09 Jul 2026 03:57 pm
