
ये 5 गलतियां आपकी शुगर बढ़ा सकती हैं (photo- freepik)
Diabetes Medicine Tips: अगर आप डायबिटीज की दवा रोज लेते हैं, तो सिर्फ दवा खाना ही काफी नहीं है। कई बार छोटी-छोटी गलतियां भी ब्लड शुगर कंट्रोल को बिगाड़ सकती हैं। कुछ लोग शुगर सामान्य आते ही दवा छोड़ देते हैं, तो कुछ बिना खाना खाए दवा ले लेते हैं। ऐसी आदतें भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती हैं।
Mayo Clinic के अनुसार, टाइप-2 डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है, जिसे लंबे समय तक सही तरीके से मैनेज करना जरूरी होता है। इसमें दवा के साथ खानपान, नियमित व्यायाम और ब्लड शुगर की निगरानी भी उतनी ही अहम है।
कई मरीज सोचते हैं कि जब ब्लड शुगर रिपोर्ट सामान्य आने लगी है, तो अब दवा की जरूरत नहीं होगी। लेकिन Mayo Clinic के अनुसार, ऐसा करना सही नहीं है। दवा बंद करने या उसकी मात्रा बदलने का फैसला हमेशा डॉक्टर की सलाह पर ही होना चाहिए। अपनी मर्जी से दवा छोड़ने पर ब्लड शुगर दोबारा बढ़ सकता है।
डायबिटीज की दवाएं तभी बेहतर काम करती हैं, जब उन्हें डॉक्टर द्वारा बताए गए समय पर नियमित रूप से लिया जाए। रोज अलग-अलग समय पर दवा लेने या बार-बार डोज भूलने से ब्लड शुगर का नियंत्रण प्रभावित हो सकता है।
कुछ डायबिटीज की दवाओं के साथ भोजन करना जरूरी होता है। American Diabetes Association (ADA) के अनुसार, कुछ दवाएं खाली पेट लेने पर लो ब्लड शुगर (Hypoglycemia) का खतरा बढ़ा सकती हैं। इसलिए दवा कब और कैसे लेनी है, इसके लिए डॉक्टर या फार्मासिस्ट की सलाह का पालन करें।
सिर्फ अच्छा महसूस होना इस बात की गारंटी नहीं है कि ब्लड शुगर पूरी तरह नियंत्रण में है। Mayo Clinic के अनुसार, नियमित ब्लड शुगर मॉनिटरिंग से यह पता चलता है कि दवा और लाइफस्टाइल का असर सही तरीके से हो रहा है या नहीं। डॉक्टर की सलाह के अनुसार HbA1c और अन्य जरूरी जांच भी समय-समय पर करानी चाहिए।
अगर आप डायबिटीज की दवा के साथ कोई दूसरी दवा, आयुर्वेदिक उत्पाद या हर्बल सप्लीमेंट ले रहे हैं, तो इसकी जानकारी डॉक्टर को जरूर दें। कुछ दवाएं ब्लड शुगर को प्रभावित कर सकती हैं या डायबिटीज की दवा के असर में बदलाव ला सकती हैं।
Mayo Clinic के अनुसार, टाइप-2 डायबिटीज का सफल इलाज केवल दवा पर निर्भर नहीं करता। संतुलित भोजन, नियमित शारीरिक गतिविधि, वजन नियंत्रित रखना और समय-समय पर जांच कराना भी उतना ही जरूरी है। वहीं American Diabetes Association (ADA) का कहना है कि डायबिटीज के मरीज अगर अपनी दवाएं सही तरीके से लें, ब्लड शुगर की निगरानी करें और डॉक्टर की सलाह का पालन करें, तो लंबे समय तक इस बीमारी को बेहतर ढंग से नियंत्रित रखा जा सकता है और दिल, किडनी, आंखों व नसों से जुड़ी जटिलताओं का खतरा कम किया जा सकता है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
08 Jul 2026 02:05 pm
Published on:
08 Jul 2026 02:05 pm
