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Ulcerative Colitis: बार-बार दस्त के साथ मल में खून आना हो सकता है अल्सरेटिव कोलाइटिस का संकेत, मेयो क्लिनिक से समझें कारण

Ulcerative Colitis Cause: क्या आपको भी बार-बार दस्त के साथ पॉटी में खून आने की समस्या हो रही है? मेयो क्लिनिक से समझें क्या यह अल्सरेटिव कोलाइटिस (Ulcerative Colitis) के लक्षण हैं और ऐसा क्यों होता है।
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भारत

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Nidhi Yadav

Jul 08, 2026

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बार-बार दस्त लग रहे हों, पेट में रह-रहकर मरोड़ उठती हो और पॉटी के साथ खून आने लगे, तो इसे हल्के में नहीं छोड़ना चाहिए। -प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

Ulcerative Colitis Symptoms: पेट खराब होना या दस्त लगना बहुत आम बात है। कई बार कुछ उल्टा-सीधा खा लो, तो पेट गड़बड़ हो ही जाता है। लेकिन अगर किसी को बार-बार दस्त लग रहे हों, पेट में रह-रहकर मरोड़ उठती हो और पॉटी के साथ खून आने लगे, तो इसे हल्के में नहीं छोड़ना चाहिए। यह अल्सरेटिव कोलाइटिस (Ulcerative Colitis) नाम की बीमारी का इशारा हो सकता है। यह बीमारी हमारी बड़ी आंत को सीधे नुकसान पहुंचाती है। आइए मेयो क्लिनिक से जानते हैं कि यह क्या होता है, इसके लक्षण क्या हैं और यह होती क्यों है।

क्या होती है अल्सरेटिव कोलाइटिस बीमारी?

यह पेट और हमारे हाजमे से जुड़ी एक ऐसी बीमारी है जो लंबे समय तक चलती है। इस बीमारी में व्यक्ति की बड़ी आंत (Large Intestine) और मलाशय (जहां पॉटी जमा होती है) के अंदरूनी हिस्से में सूजन आ जाती है और वहां छोटे-छोटे घाव या छाले (Ulcers) बन जाते हैं। इन छालों की वजह से ही पेट में भयंकर मरोड़ उठती है और जब भी इंसान टॉयलेट जाता है, तो दस्त के साथ खून या मवाद (पस) निकलने लगता है।

क्या हैं इसके मुख्य लक्षण?

  • पॉटी के साथ खून आना।
  • पेट में तेज मरोड़ और दर्द।
  • टॉयलेट करने के बाद भी ऐसा लगता है कि पेट पूरी तरह साफ नहीं हुआ है।
  • हर वक्त थकान और वजन गिरना।
  • हल्का बुखार रहना।

क्यों होती है यह बीमारी?

क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, अल्सरेटिव कोलाइटिस (यूसी) एक दीर्घकालिक बीमारी है जो आंत में सूजन होने पर होती है। वैज्ञानिक भी इसका कोई एक पक्का कारण नहीं ढूंढ पाए हैं। पहले लोग सोचते थे कि ज्यादा मिर्च-मसाला खाने या बहुत ज्यादा टेंशन (तनाव) लेने से ऐसा होता है। पर डॉक्टर साफ कहते हैं कि ये चीजें बीमारी को बढ़ा तो सकती हैं, लेकिन इनकी वजह से बीमारी शुरू नहीं होती। हमारे शरीर की इम्युनिटी (रोग प्रतिरोधक क्षमता) हमें बीमारियों से बचाती है। लेकिन इस बीमारी में हमारा इम्यून सिस्टम रास्ता भटक जाता है। अगर परिवार में माता-पिता, भाई-बहन या किसी करीबी को यह बीमारी या पेट की ऐसी कोई दूसरी समस्या रही हो, तो अगली पीढ़ी में इसका खतरा थोड़ा ज्यादा होता है।

डॉक्टर के पास कब जाना है जरूरी?

अगर आपको या घर में किसी को भी बार-बार दस्त हो रहे हों जो ठीक होने का नाम न ले रहे हों, पेट दर्द से बुरा हाल हो, या पॉटी में खून की एक भी बूंद दिखाई दे, तो बिल्कुल भी लापरवाही न बरतें। तुरंत पेट के डॉक्टर (Gastroenterologist) के पास जाएं। सही समय पर जांच और इलाज शुरू हो जाए, तो इस बीमारी को आराम से काबू में रखा जा सकता है।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।