
Hemophilia के 7 शुरुआती संकेत (photo- freepik)
Hemophilia Symptoms: कई बार बच्चों या बड़ों के शरीर पर बार-बार नीले निशान पड़ जाते हैं या छोटी-सी चोट के बाद भी खून देर तक बहता रहता है। ज्यादातर लोग इसे सामान्य चोट या कमजोरी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन अगर ऐसा बार-बार हो रहा है, तो यह हीमोफीलिया (Hemophilia) जैसी ब्लीडिंग डिसऑर्डर का संकेत भी हो सकता है।
Mayo Clinic और Cleveland Clinic के अनुसार, हीमोफीलिया एक दुर्लभ बीमारी है, जिसमें शरीर में खून को जमाने वाले प्रोटीन (Clotting Factors) की कमी होती है। इसकी वजह से चोट लगने पर खून सामान्य से ज्यादा देर तक बह सकता है। गंभीर मामलों में शरीर के अंदर भी ब्लीडिंग हो सकती है, खासकर जोड़ों और मांसपेशियों में।
अगर मामूली कट, चोट या दांत निकलवाने के बाद भी खून जल्दी बंद नहीं होता, तो इसे हल्के में न लें। यह हीमोफीलिया का शुरुआती संकेत हो सकता है।
अगर हाथ-पैर या शरीर के दूसरे हिस्सों पर बिना किसी बड़ी चोट के बड़े-बड़े नीले निशान (Bruises) दिखाई दें, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर रहेगा।
नाक से बार-बार खून आना और उसे रोकने में ज्यादा समय लगना भी इस बीमारी का संकेत हो सकता है, खासकर अगर ऐसा बार-बार हो।
Mayo Clinic के अनुसार, कुछ लोगों में इंजेक्शन या वैक्सीन लगने के बाद भी सामान्य से ज्यादा देर तक ब्लीडिंग हो सकती है।
अगर घुटनों, टखनों या कोहनियों में बिना किसी बड़ी चोट के दर्द, सूजन या गर्माहट महसूस हो, तो इसकी वजह जोड़ों के अंदर ब्लीडिंग भी हो सकती है। समय पर इलाज न मिलने पर जोड़ों को स्थायी नुकसान हो सकता है।
कुछ मामलों में अंदरूनी ब्लीडिंग की वजह से पेशाब या मल में खून दिखाई दे सकता है। ऐसे लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
गंभीर हीमोफीलिया वाले बच्चों में यह बीमारी जीवन के शुरुआती वर्षों में ही सामने आ सकती है। बार-बार गिरने पर ज्यादा ब्लीडिंग, बड़े नीले निशान या एड़ी से ब्लड सैंपल लेने के बाद लंबे समय तक खून बहना इसके संकेत हो सकते हैं।
Mayo Clinic के अनुसार, हीमोफीलिया ज्यादातर वंशानुगत (Inherited) बीमारी है। अगर परिवार में किसी सदस्य को यह बीमारी है, तो दूसरे सदस्यों में भी इसका जोखिम बढ़ सकता है। यह बीमारी पुरुषों में अधिक पाई जाती है क्योंकि इसका संबंध X क्रोमोसोम से होता है। हालांकि कुछ दुर्लभ मामलों में बिना पारिवारिक इतिहास के भी हीमोफीलिया हो सकता है।
अगर आपको या आपके बच्चे में चोट के बाद खून बंद न हो। बार-बार बड़े नीले निशान पड़ें। जोड़ों में दर्द और सूजन बनी रहे।पेशाब या मल में खून दिखाई दे। सिर पर चोट लगने के बाद तेज सिरदर्द, उल्टी या बेहोशी जैसे लक्षण हों। तो बिना देरी किए डॉक्टर या हेमेटोलॉजिस्ट से संपर्क करें। जरूरत पड़ने पर Clotting Factor Test और अन्य ब्लड टेस्ट किए जा सकते हैं।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
10 Jul 2026, 3:34 PM IST
Published on:
10 Jul 2026, 3:33 PM IST
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