
HPV संक्रमण भी बन सकता है गले के कैंसर की वजह(photo- freepik)
Throat Cancer Risk Factors: अगर आपकी आवाज कई हफ्तों से बैठी हुई है, निगलने में दिक्कत होती है या गले में लगातार खराश रहती है, तो इसे हर बार मौसम या सर्दी का असर मानकर नजरअंदाज करना सही नहीं है। ज्यादातर मामलों में ये समस्याएं सामान्य संक्रमण की वजह से होती हैं, लेकिन अगर ये लंबे समय तक बनी रहें, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। कुछ मामलों में ये गले के कैंसर (Throat Cancer) के शुरुआती संकेत भी हो सकते हैं।
Mayo Clinic, American Cancer Society (ACS) और National Cancer Institute (NCI) के अनुसार, गले का कैंसर कई कारणों से हो सकता है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि जिन लोगों में जोखिम कारक हैं, उन्हें कैंसर जरूर होगा। लेकिन इन कारणों को जानना और समय रहते सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
American Cancer Society के अनुसार, सिगरेट, बीड़ी, सिगार या किसी भी रूप में तंबाकू का सेवन गले के कैंसर का सबसे बड़ा जोखिम कारक है। जितने लंबे समय तक और जितनी अधिक मात्रा में तंबाकू का सेवन किया जाता है, खतरा उतना बढ़ सकता है।
Mayo Clinic के अनुसार, बहुत अधिक शराब पीने से भी गले के कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। अगर कोई व्यक्ति तंबाकू और शराब दोनों का सेवन करता है, तो जोखिम और अधिक बढ़ जाता है।
National Cancer Institute के अनुसार, Human Papillomavirus (HPV) के कुछ प्रकार गले और मुंह के कैंसर से जुड़े पाए गए हैं। हालांकि HPV संक्रमण होने का मतलब यह नहीं कि हर व्यक्ति को कैंसर होगा।
बढ़ती उम्र के साथ गले के कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। American Cancer Society के अनुसार, अधिकांश मामले 55 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में पाए जाते हैं।
रिसर्च के अनुसार, महिलाओं की तुलना में पुरुषों में गले के कैंसर के मामले अधिक देखे जाते हैं। इसकी एक वजह तंबाकू और शराब के अधिक सेवन से भी जुड़ी मानी जाती है।
American Cancer Society का कहना है कि लंबे समय तक फलों और सब्जियों की कमी वाला आहार शरीर की सुरक्षा क्षमता को प्रभावित कर सकता है, जिससे कई तरह के कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है।
लकड़ी की धूल, एस्बेस्टस, पेंट, धातु या कुछ औद्योगिक रसायनों के लंबे समय तक संपर्क में रहने वाले लोगों में भी गले के कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।
अगर ये लक्षण 2 से 3 सप्ताह से ज्यादा समय तक बने रहें, तो ईएनटी विशेषज्ञ से जांच करानी चाहिए-
ध्यान रखें, इन लक्षणों का मतलब हमेशा कैंसर नहीं होता। इनके पीछे संक्रमण या दूसरी सामान्य बीमारियां भी हो सकती हैं। सही कारण का पता जांच के बाद ही चलता है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
10 Jul 2026 12:37 pm
Published on:
10 Jul 2026 12:37 pm
