
इम्युनोथेरपी पारंपरिक कीमोथेरेपी से बिल्कुल अलग है।- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- @instams.dipika)
Immunotherapy Side Effect Hindi: ससुराल सिमर का फेम मशहूर टीवी एक्ट्रेस दीपिका कक्कड़ पिछले कुछ समय से कैंसर से जंग लड़ रही हैं। हाल ही में उन्होंने अपने एक व्लॉग में बताया कि इम्यूनोथेरेपी का मेरा दूसरा चक्र हो गया। दीपिका ने यह भी साझा किया कि इस थेरेपी के बाद उन्हें तेज बदन दर्द, बुखार, कमजोरी और शरीर पर खुजली वाले दाने (रैशेस) जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
दीपिका की इस खबर के बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर यह इम्युनोथेरपी क्या है? नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट (NCI) और क्लीवलैंड क्लिनिक की रिपोर्ट्स के आधार पर समझते हैं कि यह थेरेपी कैसे काम करती है और इसके क्या साइड इफेक्ट्स होते हैं।
अमरीका के नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट के मुताबिक, इम्युनोथेरपी पारंपरिक कीमोथेरेपी से बिल्कुल अलग है। कीमोथेरेपी में दवाएं सीधे कैंसर सेल्स को मारती हैं, जिससे शरीर की अच्छी सेल्स को भी नुकसान पहुंचता है। लेकिन, इम्युनोथेरपी एक तरह का स्मार्ट इलाज है। यह हमारे शरीर के अंदर मौजूद इम्यून सिस्टम (रोग प्रतिरोधक क्षमता) को इतना मजबूत और एक्टिव बना देती है कि हमारा अपना शरीर ही कैंसर की कोशिकाओं को पहचानकर उन्हें खत्म करने लगता है। इसे आप ऐसे समझ सकते हैं कि यह दवा हमारे शरीर के सैनिकों (इम्यून सेल्स) को कैंसर से लड़ने की स्पेशल ट्रेनिंग देती है।
यह थेरेपी हमारे इम्यून सिस्टम को बहुत ज्यादा एक्टिवेट (उत्तेजित) कर देती है, इसलिए कभी-कभी हमारे शरीर के रक्षक हमारे ही स्वस्थ अंगों और ऊतकों (tissues) पर हमला कर देते हैं। इसी वजह से शरीर में सूजन आ जाती है और मरीज को साइड इफेक्ट्स महसूस होते हैं। क्लीवलैंड क्लिनिक और नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट ने इसके कुछ आम और गंभीर साइड इफेक्ट्स बताए हैं;
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
10 Jul 2026 01:50 pm
Published on:
10 Jul 2026 01:50 pm
