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Mood Swings During Fasting: व्रत में चिड़चिड़ापन क्यों बढ़ता है? साइंस डायरेक्ट से जानें कारण

Mood Swings During Fasting: व्रत के दौरान गुस्सा और चिड़चिड़ापन क्यों बढ़ता है? जानें इसके पीछे का साइंटिफिक कारण और मूड को शांत व तरोताजा रखने के उपाय।
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भारत

•

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Nidhi Yadav

•

Oct 18, 2026

Feeling irritable or frustrated during a fast? Understanding the science behind your body's natural response can help you stay calm, balanced, and energized

व्रत में चिड़चिड़ापन क्यों बढ़ जाता है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Chatgpt)

Mood Swings During Fasting: व्रत रखना हमारी परंपरा और सेहत दोनों का एक अहम हिस्सा माना जाता है। लेकिन अक्सर आपने ध्यान दिया होगा कि इस दौरान थोड़ा सा भी काम करने पर गुस्सा आने लगता है, सब्र जवाब दे जाता है या छोटी-छोटी बातों पर चिड़चिड़ापन होने लगता है। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो घबराने की बात बिल्कुल नहीं है। यह कोई मन का वहम या आपके अनुशासन की कमी नहीं है, बल्कि इसके पीछे हमारे शरीर का विज्ञान (Biology) काम कर रहा होता है। आइए समझते हैं कि व्रत में चिड़चिड़ापन क्यों बढ़ता है और इसके पीछे क्या कारण जिम्मेदार होते है।

1. ब्लड शुगर (ग्लूकोज) का कम होना

जब हम व्रत रखते हैं और लंबे समय तक कुछ नहीं खाते, तो खून में ग्लूकोज का स्तर धीरे-धीरे गिरने लगता है। जैसे ही दिमाग को सही मात्रा में ऊर्जा नहीं मिलती, वह थोड़ा असहज हो जाता है। इसी वजह से चिड़चिड़ापन, सिर भारी होना और ध्यान केंद्रित करने में परेशानी महसूस होने लगती है।

2. स्ट्रेस हार्मोन्स का बढ़ना

जब हमारे शरीर को खाना नहीं मिलता, तो शरीर कॉर्टिसोल (Cortisol) और एड्रेनालाईन (Adrenaline) नाम के स्ट्रेस हार्मोन्स को रिलीज करने लगता है। ये हार्मोन्स शरीर को अलर्ट तो रखते हैं, लेकिन साथ ही तनाव, गुस्सा और बेचैनी भी बढ़ा देते हैं। साइंसडायरेक्ट के अनुसार, जब शरीर में भूख को नियंत्रित करने वाले लेप्टिन (Leptin) हार्मोन का स्तर गिरता है और घ्रेलिन (Ghrelin) बढ़ता है, तो व्यक्ति में भावनात्मक अस्थिरता (emotional reactivity) और चिड़चिड़ापन बढ़ने की संभावना काफी ज्यादा हो जाती है।

3. कैफीन और पानी की कमी

अगर आपको रोजाना चाय या कॉफी पीने की आदत है और व्रत में आप इसे अचानक छोड़ देते हैं, तो शरीर 'कैफीन विड्रॉल' के दौर से गुजरता है। इससे सिरदर्द और चिड़चिड़ापन बहुत तेजी से बढ़ता है। इसके अलावा, शरीर में पानी या इलेक्ट्रोलाइट्स (जैसे सोडियम और पोटेशियम) की कमी भी दिमाग के न्यूरो-सिग्नल्स को प्रभावित करती है, जिससे मूड बिगड़ने लगता है। PMC Journal में प्रकाशित एक अध्ययन (Intermittent Fasting and Emotional Regulation) के अनुसार, शुरुआती उपवास के दौरान शरीर में 'हाइपोथैलेमिक-पिट्यूटरी-एड्रेनल' (HPA) एक्सिस सक्रिय हो जाता है। इससे कॉर्टिसोल का स्तर अस्थायी रूप से बढ़ता है।

चिड़चिड़ापन कम करने के उपाय

अगर आप चाहते हैं कि व्रत के दौरान आपका मन शांत और ऊर्जावान बना रहे, तो इन बातों का ध्यान रखें;

  • व्रत के दौरान पर्याप्त पानी पिएं।
  • अचानक चाय-कॉफी न छोड़ें।
  • अधूरी नींद चिड़चिड़ेपन को दोगुना कर देती है।
  • व्रत वाले दिन रात में पर्याप्त आराम जरूर करें।
  • फलाहार में प्रोटीन और फाइबर शामिल करें।
डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

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