
15 से 35 साल के युवाओं में अंडकोष कैंसर का खतरा ज्यादा होता है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)
Testicular Cancer Symptoms: पुरुषों की सेहत से जुड़ी कई ऐसी बीमारियां हैं, जिनके बारे में लोग खुलकर बात करने से कतराते हैं। 'टेस्टिकुलर कैंसर' (Testicular Cancer) यानी अंडकोष का कैंसर भी एक ऐसी ही बीमारी है। जानकारी की कमी और शर्म की वजह से अक्सर लोग इसके शुरुआती संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे समस्या आगे चलकर गंभीर रूप ले लेती है। मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार, टेस्टिकुलर कैंसर युवाओं में होने वाला एक आम कैंसर है। हालांकि, राहत की बात यह है कि अगर सही समय पर इसके लक्षणों की पहचान कर ली जाए, तो यह पूरी तरह ठीक हो सकता है। आइए इसके शुरुआती संकेत और कारण क्या हैं।
पुरुषों के शरीर में पेनिस के नीचे एक थैलीनुमा संरचना होती है जिसे स्क्रोटम (Scrotum) कहा जाता है। इसके अंदर दो अंडकोष (Testicles या Testes) होते हैं। अंडकोष का मुख्य काम शरीर में पुरुष हार्मोन (टेस्टोस्टेरोन) बनाना और स्पर्म (शुक्राणु) का निर्माण करना होता है। जब अंडकोष की कोशिकाओं (Cells) में असामान्य और बेकाबू बढ़ोतरी होने लगती है, तो वहां गांठ या ट्यूमर बनने लगता है। इसी स्थिति को टेस्टिकुलर कैंसर कहा जाता है। यह कैंसर अक्सर किसी एक ही अंडकोष में शुरू होता है।
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, इस बीमारी के लक्षण बहुत ही साधारण हो सकते हैं, इसलिए शरीर में होने वाले बदलावों पर ध्यान देना बहुत जरूरी है:
हालांकि इसका कोई एक पक्का कारण तय नहीं है, लेकिन मेडिकल रिसर्च के मुताबिक कुछ वजहों से इसका खतरा बढ़ जाता है;
अगर समय रहते डॉक्टर के पास जाया जाए, तो टेस्टिकुलर कैंसर का इलाज बहुत ही सफल रहता है। शारीरिक जांच के बाद अल्ट्रासाउंड (Ultrasound) कराने की सलाह देते हैं, जिससे यह साफ हो जाता है कि गांठ सामान्य है या कैंसर की। शरीर में कैंसर मार्केर्स (Tumor Markers) का पता लगाने के लिए कुछ खास खून की जांचें की जाती हैं। कैंसर की स्टेज के हिसाब से डॉक्टर सर्जरी (अंडकोष को निकालना), रेडिएशन थेरेपी या कीमोथेरेपी का इस्तेमाल करते हैं। सर्जरी के बाद भी पुरुष की सामान्य जिंदगी और प्रजनन क्षमता पर ज्यादा असर नहीं पड़ता।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
09 Aug 2026 10:06 am
Published on:
09 Aug 2026 09:00 am
