
ट्यूमर और सिस्ट में क्या है अंतर होता है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Shutterstock)
Tumor Vs Cyst: शरीर में कहीं भी अचानक कोई गांठ या उभार दिख जाए, तो मन में सबसे पहला डर कैंसर का ही आता है। लोग अक्सर सिस्ट (Cyst) और ट्यूमर (Tumour) को एक ही समझ लेते हैं, जबकि डॉक्टरी भाषा में ये दोनों एक-दूसरे से काफी अलग हैं। मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार, शरीर में बनने वाली हर गांठ कैंसर नहीं होती। सिस्ट और ट्यूमर दोनों के बनने की वजह, लक्षण और इलाज का तरीका अलग होता है। आइए समझते हैं कि सिस्ट और ट्यूमर में क्या अंतर है और कब आपको डॉक्टर के पास जाना चाहिए।
सिस्ट शरीर के किसी हिस्से में बनने वाली एक छोटी थैली जैसी संरचना (Sac) होती है। इसमें अंदर हवा, पानी, मवाद (Pus), फ्लूइड या कोई अन्य तरल पदार्थ भरा हो सकता है। ज्यादातर सिस्ट गैर-कैंसर (Non-cancerous / Benign) होते हैं। ये शरीर में बिना किसी नुकसान के पड़े रह सकते हैं। सिस्ट को छूने पर यह थोड़ा नरम, स्पंजी या थपथपाने पर हिलता हुआ महसूस हो सकता है। यह त्वचा के नीचे, ओवरी (अंडाशय), किडनी, लिवर या ब्रेस्ट में कहीं भी बन सकते हैं।
हेल्थलाइन के अनुसार, ट्यूमर तब बनता है जब शरीर की कोशिकाएं (Cells) असामान्य रूप से और बेकाबू होकर एक जगह जमा होने लगती हैं। यह कोई तरल पदार्थ की थैली नहीं, बल्कि मास या मांस का एक ठोस टुकड़ा (Solid Tissue) होता है। ट्यूमर मुख्य रूप से दो तरह के होते हैं
1. बिनाइन ट्यूमर (Non-cancerous)- ये कैंसर वाले ट्यूमर नहीं होते। ये एक ही जगह रहते हैं और शरीर के दूसरे हिस्सों में नहीं फैलते।
2. मैलिग्नेंट ट्यूमर (Cancerous)- ये कैंसर वाले ट्यूमर होते हैं। ये आसपास के ऊतकों को नुकसान पहुँचाते हैं और खून या लिम्फ के जरिए शरीर के बाकी अंगों में भी फैल सकते हैं।
1. सिस्ट का इलाज- अगर सिस्ट छोटा है और कोई तकलीफ या दर्द नहीं दे रहा, तो डॉक्टर इसे बिना छेड़े ऐसे ही रहने देते हैं। लेकिन अगर इसमें दर्द, इन्फेक्शन हो या आकार बढ़ रहा हो, तो सुई की मदद से इसका तरल निकाल दिया जाता है या छोटी सर्जरी से थैली हटा दी जाती है।
2. ट्यूमर का इलाज- अगर ट्यूमर बिनाइन (बिना कैंसर वाला) है और कोई दिक्कत नहीं कर रहा, तो सिर्फ निगरानी रखी जाती है। लेकिन अगर ट्यूमर कैंसर वाला है, तो सर्जरी करके उसे निकाला जाता है, साथ ही कीमोथेरेपी या रेडिएशन थेरेपी दी जाती है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Published on:
09 Aug 2026 11:00 am
