
दूध पीते ही पेट फूलना और गैस बनने लगती है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)
Lactose Intolerance Symptoms: सुबह-सुबह एक ग्लास गर्म दूध पीना या चाय-कॉफी की चुस्की लेना भारतीय घरों की दिनचर्या का अहम हिस्सा है। लेकिन क्या दूध, दही या पनीर खाते ही आपके पेट में गुड़गुड़ होने लगती है? पेट फूलने लगता है या गैस और दस्त की समस्या हो जाती है? अगर ऐसा बार-बार होता है, तो इसे सामान्य पाचन की गड़बड़ी मानकर नजरअंदाज न करें। ब्रिटेन की नेशनल हेल्थ सर्विस (NHS) के अनुसार, यह लक्षण लैक्टोज इनटोलरेंस (Lactose Intolerance) का हो सकता है। यह कोई बहुत गंभीर या जानलेवा बीमारी नहीं है, लेकिन सही जानकारी न होने पर यह आपकी दिनचर्या और पाचन स्वास्थ्य को बुरी तरह प्रभावित कर सकती है। आइए जानते हैं कि लैक्टोज इनटोलरेंस क्या है, इसके लक्षण क्या हैं और यह क्यों होता है।
लैक्टोज एक तरह की प्राकृतिक चीनी (Natural Sugar) होती है, जो दूध और दूध से बनी चीजों (जैसे दही, मक्खन, पनीर, आइसक्रीम) में पाई जाती है। हमारी छोटी आंत में एक खास तरह का केमिकल बनता है जिसे लैक्टेज एंजाइम कहते हैं। इसका काम दूध वाली चीनी (लैक्टोज) को पचाना होता है। जब शरीर में इस लैक्टेज एंजाइम की कमी हो जाती है, तो पेट दूध की चीनी को ठीक से पचा नहीं पाता। पचा हुआ न होने के कारण यह लैक्टोज सीधा बड़ी आंत में चला जाता है, जहां बैक्टीरिया इसके साथ मिलकर गैस और एसिड बनाने लगते हैं। इसी स्थिति को लैक्टोज इनटोलरेंस कहते हैं।
दूध या डेयरी प्रॉडक्ट्स खाने या पीने के 30 मिनट से लेकर 2 घंटे के भीतर आपको नीचे दिए गए लक्षण महसूस हो सकते हैं;
नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ डायबिटीज एंड डाईजेस्टिव किडनी डिजीज (NIDDK) के मुताबिक, इसके पीछे कई मुख्य कारण हो सकते हैं;
बहुत से लोग लैक्टोज इनटोलरेंस और दूध की एलर्जी को एक ही समझ लेते हैं, जबकि दोनों में बड़ा फर्क है, लैक्टोज इनटोलरेंस पाचन तंत्र (Digestive System) की समस्या है, जहां शरीर दूध की चीनी नहीं पचा पाता। मिल्क एलर्जी इम्यून सिस्टम (Immune System) की समस्या है, जहां शरीर दूध के प्रोटीन (जैसे केसीन या वे प्रोटीन) को दुश्मन मानकर उस पर हमला कर देता है। दूध की एलर्जी में त्वचा पर चकत्ते, सांस लेने में तकलीफ और चेहरे पर सूजन जैसे गंभीर लक्षण भी हो सकते हैं।
अगर आपको लैक्टोज इनटोलरेंस है, तो आपको घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। आप कुछ छोटे-छोटे बदलाव करके इससे बच सकते हैंच
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Published on:
09 Aug 2026 01:00 pm
