7 मई 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

स्किन इन्फेक्शन की दवा से महिला के शरीर पर उभरे नीले निशान, डॉक्टरों ने बताया टाइप 2 हाइपरपिग्मेंटेशन

Antibiotic Side Effect:एक महिला को अपनी त्वचा की समस्या (Rosacea) के लिए एक आम एंटीबायोटिक 'मिनोसाइक्लिन' (Minocycline) दी गई थी। लेकिन दवा शुरू करने के महज 6 हफ्तों के भीतर उसके हाथ-पैर पर गहरे काले और नीले धब्बे उभर आए। डॉक्टरों के लिए यह एक बड़ी चुनौती थी, क्योंकि आमतौर पर ऐसा साइड इफेक्ट सालों तक दवा लेने के बाद दिखता है, लेकिन यहां यह काम कुछ ही हफ्तों में हो गया।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Nidhi Yadav

May 07, 2026

Minocycline induced hyperpigmentation, Rare antibiotic side effects, Skin turning black and blue from medication,

Antibiotic Side Effect (image-(The New England Journal of Medicine ©2026)

Antibiotic Side Effect: हम में से बहुत से लोग मुहांसों या स्किन इन्फेक्शन के लिए डॉक्टर के पास जाते हैं और डॉक्टर हमें एंटीबायोटिक लिख देते हैं। ऐसी ही एक दवा है मिनोसाइक्लिन। लेकिन लाइव साइंस (Live Science) की एक रिपोर्ट के अनुसार, एक महिला के लिए यह दवा किसी बुरे सपने जैसी साबित हुई। दवा लेने के थोड़े ही समय बाद उसके शरीर का रंग बदलने लगा और उसके हाथ-पैर ऐसे दिखने लगे जैसे उन पर स्याही गिर गई हो या बहुत बुरी चोट लगी हो। आइए जानते हैं कि आखिर विज्ञान की भाषा में इस महिला के साथ क्या हुआ।

क्या है मिनोसाइक्लिन और यह क्या करती है?

National Library of Medicine के अनुसार, मिनोसाइक्लिन एक तरह की एंटीबायोटिक दवा है जिसका इस्तेमाल अक्सर मुहांसों (Acne), रोसैसिया (Rosacea) और कई तरह के इन्फेक्शन को ठीक करने के लिए किया जाता है। यह शरीर में सूजन कम करने का काम भी करती है। लेकिन इस दवा का एक जाना-माना, पर दुर्लभ साइड इफेक्ट है, हाइपरपिग्मेंटेशन (Hyperpigmentation)। यानी यह त्वचा का रंग गहरा या अजीब सा कर सकती है।

महिला के साथ क्या हुआ?

महिला को चेहरे की लालिमा (Rosacea) के लिए यह दवा दी गई थी। दवा शुरू करने के केवल 2 हफ्ते बाद उसे अपने पैरों पर नीले-भूरे धब्बे दिखे। 6 हफ्ते होते-होते ये धब्बे बढ़कर उसके हाथों तक पहुंच गए और देखने में काफी डरावने लगने लगे। डॉक्टरों ने इसे 'टाइप 2 हाइपरपिग्मेंटेशन' करार दिया। इसमें स्वस्थ त्वचा पर भी गहरा रंग चढ़ने लगता है।

ये काला-नीला रंग आया कहां से?

डॉक्टरों का मानना है कि जब मिनोसाइक्लिन शरीर के अंदर टूटती है, तो इसके कण त्वचा के नीचे जमा हो जाते हैं। कई बार ये लोहे के साथ मिलकर त्वचा को काला या नीला रंग दे देते हैं। आमतौर पर ऐसा तब होता है जब कोई इंसान सालों तक यह दवा ले रहा हो, लेकिन इस महिला के मामले में शरीर ने बहुत जल्दी प्रतिक्रिया दे दी।

क्या यह ठीक हो सकता है?

जैसे ही महिला ने वह दवा बंद की, उसकी त्वचा का रंग धीरे-धीरे साफ होने लगा। हालांकि, इस तरह के निशानों को पूरी तरह जाने में महीनों या कभी-कभी सालों का समय लग जाता है। कुछ मामलों में लेजर ट्रीटमेंट की भी जरूरत पड़ती है।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।