स्वास्थ्य

खड़े होते ही आंखों के आगे छाने लगता है अंधेरा! क्लीवलैंड क्लिनिक से जानें Orthostatic Hypotention क्या होता है

Orthostatic Hypotension Cause: क्या आपको भी अचानक खड़े होते ही चक्कर आने लगते हैं या आंखों के आगे अंधेरा छा जाता है? जानिए क्या है ऑर्थोस्टैटिक हाइपोटेंशन और क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक इससे बचने के आसान उपाय।
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Updated: 9 Jul 2026, 2:01 PM IST
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खड़े होते ही आंखों के आगे छाने लगता है अंधेरा ये orthostatic hypotention का संकेत हो सकता है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

Orthostatic Hypotension Symptoms: कई बार जब हम बिस्तर से अचानक उठते हैं या सोफे पर बैठे-बैठे एकदम से खड़े होते हैं, तो सिर घूमने लगता है या कुछ सेकंड के लिए आंखों के आगे बिल्कुल अंधेरा छा जाता है। हममें से ज्यादातर लोग इसे मामूली कमजोरी समझकर टाल देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसे ऑर्थोस्टैटिक हाइपोटेंशन (Orthostatic Hypotension) कहा जाता है? क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक, यह असल में अचानक से ब्लड प्रेशर (बीपी) कम होने की वजह से होता है। आइए समझते हैं कि यह क्या है और इससे कैसे बचा जाए।

ऑर्थोस्टैटिक हाइपोटेंशन आखिर है क्या?

जब आप बैठे या लेटे होते हैं और अचानक खड़े होते हैं, तो गुरुत्वाकर्षण (gravity) के कारण आपके शरीर का खून नीचे पैरों की तरफ भागता है। आम तौर पर, हमारा शरीर तुरंत एक्टिव होकर दिल की धड़कन बढ़ाता है और नसों को सिकोड़ता है ताकि खून वापस ऊपर दिमाग तक पहुंच सके। लेकिन जब किसी को ऑर्थोस्टैटिक हाइपोटेंशन होता है, तो उसका शरीर यह काम तेजी से नहीं कर पाता। इसके कारण दिमाग तक कुछ पलों के लिए खून और ऑक्सीजन ठीक से नहीं पहुंचती, जिससे चक्कर आने लगते हैं या आंखों के आगे अंधेरा छा जाता है।

इसके मुख्य लक्षण क्या-क्या हैं?

  • अचानक से चक्कर आना या सिर घूमना।
  • आंखों के सामने धुंधलापन या अंधेरा छा जाना।
  • शरीर में अजीब सी कमजोरी या थकान महसूस होना।
  • कुछ मामलों में इंसान का संतुलन बिगड़ जाता है या वह बेहोश भी हो सकता है।

ऐसा होने के पीछे क्या वजहें हो सकती हैं?

ऐसा किसी के साथ भी हो सकता है, लेकिन इसके पीछे कुछ खास कारण जिम्मेदार होते हैं;

इससे बचने के लिए क्या करें?

मेयो क्लिनिक के अनुसार, अगर आपको भी अक्सर ऐसी समस्या होती है, तो इन आसान बातों का ध्यान रखकर आप इससे राहत पा सकते हैं;

जब भी सोकर या बैठकर उठें, तो जल्दबाजी न करें। पहले आराम से बैठें, पैरों को थोड़ा हिलाएं और फिर धीरे से खड़े हों। अपने शरीर में पानी की कमी न होने दें। दिनभर में पर्याप्त पानी, जूस या नारियल पानी पीते रहें। एक बार में बहुत सारा भारी खाना खाने के बजाय थोड़ा-थोड़ा करके खाएं, क्योंकि भारी खाने के बाद खून पेट की तरफ ज्यादा दौड़ता है जिससे बीपी गिर सकता है। अगर यह समस्या रोज-रोज हो रही है या इसकी वजह से आप गिर रहे हैं, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। हो सकता है आपकी किसी दवा की डोज बदलने की जरूरत हो।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
9 Jul 2026, 2:01 PM IST
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