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शरीर में Cancer बनने से पहले क्या होता है? NCI से जानिए कैसे एक सामान्य सेल बदलकर कैंसर सेल बन सकती है

Normal Cell to Cancer Cell: क्या कैंसर अचानक होता है? National Cancer Institute के अनुसार जानिए शरीर में सामान्य सेल कैसे कैंसर सेल में बदलती है, जोखिम कारक और बचाव के उपाय।
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भारत

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Dimple Yadav

Jul 04, 2026

Cancer Cell Formation Normal Cell to Cancer Cell DNA Mutation National Cancer Institute

शरीर में सामान्य कोशिका के कैंसर सेल में बदलने की प्रक्रिया (photo- freepik)

Cancer Cell Formation: जब भी कैंसर का नाम सुनाई देता है, मन में सबसे पहला सवाल आता है, आखिर शरीर में कैंसर बनता कैसे है? क्या यह अचानक हो जाता है या इसकी शुरुआत बहुत पहले से हो चुकी होती है? अच्छी बात यह है कि कैंसर एक दिन में नहीं बनता। यह शरीर की कोशिकाओं (Cells) में धीरे-धीरे होने वाले बदलावों का परिणाम होता है।

National Cancer Institute (NCI) के अनुसार, हमारा शरीर खरबों कोशिकाओं से बना है। सामान्य परिस्थितियों में ये कोशिकाएं एक तय नियम के अनुसार बढ़ती हैं, अपना काम करती हैं और समय आने पर नष्ट हो जाती हैं। इसी प्रक्रिया की वजह से शरीर स्वस्थ रहता है और पुराने सेल्स की जगह नए सेल्स बनते रहते हैं।

जब सामान्य सेल बदलने लगती है

कभी-कभी किसी कारण से कोशिका के DNA में बदलाव (Mutation) हो जाता है। DNA वह निर्देश पुस्तिका है जो तय करती है कि कोशिका कब बढ़ेगी, कब रुकेगी और कब नष्ट होगी। अगर इस सिस्टम में गड़बड़ी आ जाए तो कोशिका बिना जरूरत के बढ़ने लगती है और समय आने पर भी खत्म नहीं होती। यही असामान्य कोशिकाएं धीरे-धीरे इकट्ठी होकर एक गांठ (Tumor) बना सकती हैं। हालांकि, हर गांठ कैंसर नहीं होती। कुछ गांठें सामान्य (Benign) होती हैं, जबकि कैंसर वाली गांठें (Malignant) आसपास के ऊतकों में फैल सकती हैं और शरीर के दूसरे अंगों तक भी पहुंच सकती हैं।

क्या हर DNA बदलाव का मतलब कैंसर है?

बिल्कुल नहीं। National Cancer Institute स्पष्ट करता है कि हमारे शरीर में हर दिन कई कोशिकाओं में छोटे-छोटे बदलाव होते हैं, लेकिन शरीर का इम्यून सिस्टम और मरम्मत करने वाली प्रक्रियाएं अक्सर इन्हें ठीक कर देती हैं। जब ये सुरक्षा तंत्र असफल होने लगते हैं और असामान्य कोशिकाएं लगातार बढ़ती रहती हैं, तब कैंसर विकसित होने का खतरा बढ़ जाता है।

किन वजहों से बढ़ सकता है जोखिम?

हर कैंसर की वजह एक जैसी नहीं होती, लेकिन कुछ चीजें जोखिम बढ़ा सकती हैं, जैसे-

  • तंबाकू और धूम्रपान
  • अत्यधिक शराब का सेवन
  • लंबे समय तक सूरज की हानिकारक UV किरणों के संपर्क में रहना
  • कुछ वायरस और संक्रमण
  • बढ़ती उम्र
  • पारिवारिक इतिहास (Family History)
  • अस्वस्थ जीवनशैली और मोटापा

इन कारणों का मतलब यह नहीं कि कैंसर होना तय है, बल्कि ये केवल जोखिम बढ़ा सकते हैं।

शरीर के संकेतों को नजरअंदाज न करें

कैंसर की शुरुआत अक्सर बिना किसी स्पष्ट लक्षण के हो सकती है। लेकिन अगर लंबे समय तक बिना वजह वजन कम हो, लगातार थकान बनी रहे, कोई गांठ महसूस हो, घाव जल्दी न भरे, खांसी लंबे समय तक बनी रहे या मल-मूत्र की आदतों में बदलाव दिखे, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। इन लक्षणों के कई सामान्य कारण भी हो सकते हैं, इसलिए घबराने के बजाय सही जांच कराना बेहतर होता है।

बचाव का सबसे अच्छा तरीका

कैंसर के हर मामले को रोका नहीं जा सकता, लेकिन स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर जोखिम काफी हद तक कम किया जा सकता है। धूम्रपान से दूरी, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, स्वस्थ वजन बनाए रखना, जरूरत के अनुसार वैक्सीनेशन और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराना लंबे समय में फायदेमंद साबित हो सकता है। याद रखें, कैंसर अचानक नहीं बनता। यह शरीर की कोशिकाओं में धीरे-धीरे होने वाले बदलावों का परिणाम है। National Cancer Institute के अनुसार, इन बदलावों को समझना और समय रहते शरीर के संकेतों पर ध्यान देना बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।