30 जून 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Haryana Cancer News: हरियाणा के एक और गांव में बढ़े कैंसर के मामले, 14 एक्टिव केस, ग्रामीणों में चिंता

Rising Cancer Cases: हरियाणा के नूंह जिले के गांवों में बढ़ते कैंसर मामलों ने चिंता बढ़ाई है। NCI, WHO और CDC के अनुसार Cancer Cluster क्या होता है और इसकी जांच कैसे की जाती है, जानिए।
2 min read
Google source verification

भारत

image

Dimple Yadav

Jun 30, 2026

Haryana Cancer NewsRising Cancer Cases Nuh Cancer Cases Cancer Risk Factors

हरियाणा के नूंह जिले में बढ़ते कैंसर मामलें (photo- freepik)

Nuh Cancer Cases: हरियाणा के नूंह (मेवात) जिले से एक बार फिर कैंसर के बढ़ते मामलों की खबर सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिरोजपुर झिरका क्षेत्र के रीगड़ गांव में 14 सक्रिय कैंसर मरीजों की पहचान हुई है, जबकि फलेंडी गांव में 25 से अधिक मरीज और कई मौतों की जानकारी सामने आई है। इन खबरों के बाद स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है और ग्रामीण स्वास्थ्य विभाग से विशेषज्ञ मेडिकल टीम भेजकर जांच की मांग कर रहे हैं।

हालांकि, यह समझना जरूरी है कि किसी एक कारण को इन मामलों के लिए जिम्मेदार ठहराना अभी वैज्ञानिक रूप से सही नहीं होगा। कैंसर के मामलों में वृद्धि के पीछे वास्तविक वजह जानने के लिए विस्तृत मेडिकल, पर्यावरणीय और महामारी विज्ञान (Epidemiology) संबंधी जांच जरूरी होती है।

कैंसर के मामले दिखना हमेशा किसी बड़ी वजह का संकेत?

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, किसी क्षेत्र में कैंसर के ज्यादा मामले दिखाई देने पर सबसे पहले यह जांच की जाती है कि क्या यह संख्या सामान्य से अधिक है या सिर्फ संयोग है। इसके लिए लंबे समय के आंकड़ों, जनसंख्या, उम्र, जीवनशैली और पर्यावरणीय कारकों का विश्लेषण किया जाता है। यानी सिर्फ मामलों की संख्या देखकर किसी एक कारण पर पहुंचना सही नहीं माना जाता।

कैंसर के पीछे कौन-कौन से कारण हो सकते हैं?

National Cancer Institute (NCI) के अनुसार, कैंसर एक नहीं बल्कि कई कारणों से होने वाली बीमारी है। इनमें शामिल हो सकते हैं-

  • तंबाकू और धूम्रपान
  • शराब का सेवन
  • आनुवंशिक (जेनेटिक) कारण
  • कुछ वायरस और संक्रमण
  • मोटापा और असंतुलित खानपान
  • वायु, पानी या रसायनों से जुड़ा प्रदूषण
  • लंबे समय तक कुछ हानिकारक पदार्थों के संपर्क में रहना
  • किसी इलाके में प्रदूषण या अन्य पर्यावरणीय कारणों की भूमिका जानने के लिए वैज्ञानिक जांच जरूरी होती है।

ग्रामीण क्या मांग कर रहे हैं?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ग्रामीणों का कहना है कि कई मरीज तीसरी और चौथी स्टेज के कैंसर से जूझ रहे हैं। उनका आरोप है कि कई बार जानकारी देने के बावजूद अब तक विशेषज्ञ मेडिकल टीम गांवों में नहीं पहुंची। लोग चाहते हैं कि स्वास्थ्य विभाग कैंसर के मामलों की जांच करे, मरीजों की स्क्रीनिंग कराए और संभावित कारणों का पता लगाए।

ऐसे मामलों में स्वास्थ्य विभाग क्या करता है?

अमेरिकी रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (CDC) के अनुसार, जब किसी क्षेत्र में कैंसर के ज्यादा मामलों की सूचना मिलती है, तो सार्वजनिक स्वास्थ्य एजेंसियां यह जांच करती हैं कि क्या वास्तव में वहां कैंसर के मामलों का असामान्य समूह (Cancer Cluster) है। इसके लिए मरीजों का डेटा, पर्यावरणीय जानकारी और अन्य जोखिम कारकों का अध्ययन किया जाता है।

लोगों को क्या करना चाहिए?

अगर किसी व्यक्ति को लगातार वजन कम होना, शरीर में गांठ, लंबे समय तक रहने वाली खांसी, असामान्य रक्तस्राव या कोई ऐसा लक्षण दिखाई दे जो लंबे समय तक ठीक न हो, तो डॉक्टर से जांच जरूर करानी चाहिए। कैंसर का समय पर पता चलने से इलाज की संभावना बेहतर हो सकती है।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।