
40 के बाद ये 5 आदतें आपको लंबे समय तक फिट रखने में मदद कर सकती हैं (photo- freepik)
Heart Health After 40:30 की उम्र के बाद शरीर में बदलाव धीरे-धीरे शुरू हो जाते हैं, लेकिन 40 की उम्र तक पहुंचते-पहुंचते ये बदलाव ज्यादा साफ नजर आने लगते हैं। पहले जितनी आसानी से वजन कंट्रोल हो जाता था, अब उतनी जल्दी नहीं होता। थकान जल्दी महसूस होने लगती है, पाचन पहले जैसा नहीं रहता और ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर या कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का खतरा भी बढ़ सकता है।
यूनिवर्सिटी ऑफ कंसास के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. प्रतीक शर्मा ने बताया है कि 40s वह समय है जब शरीर के मेटाबॉलिज्म, पाचन और दिल की सेहत पर सबसे ज्यादा ध्यान देने की जरूरत होती है। वहीं Mayo Clinic, Harvard Health Publishing और World Health Organization (WHO) भी मानते हैं कि इस उम्र में सही लाइफस्टाइल अपनाकर कई गंभीर बीमारियों के खतरे को कम किया जा सकता है।
रिसर्च बताती हैं कि 40 की उम्र के बाद मेटाबॉलिज्म धीरे-धीरे धीमा होने लगता है। इसका मतलब है कि शरीर पहले जितनी तेजी से कैलोरी नहीं जलाता। इसी वजह से पेट के आसपास चर्बी बढ़ना, वजन बढ़ना और ब्लड शुगर कंट्रोल करना मुश्किल हो सकता है। इसके साथ ही मांसपेशियों का मास (Muscle Mass) और हड्डियों की मजबूती भी धीरे-धीरे कम होने लगती है।
WHO के अनुसार, 40 की उम्र के बाद हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल और हृदय रोग का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए हफ्ते में कम से कम 150 मिनट एक्सरसाइज करें, धूम्रपान से बचें और समय-समय पर ब्लड प्रेशर व कोलेस्ट्रॉल की जांच कराएं।
Mayo Clinic के अनुसार, बढ़ता वजन टाइप-2 डायबिटीज का जोखिम बढ़ा सकता है। अपनी डाइट में साबुत अनाज, फल, सब्जियां और प्रोटीन शामिल करें, जबकि मीठे पेय और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड कम करें।
डॉ. प्रतीक शर्मा के अनुसार, 40s में पाचन को स्वस्थ रखने के लिए फाइबर युक्त भोजन, पर्याप्त पानी और नियमित समय पर खाना जरूरी है। दही, छाछ और फर्मेंटेड फूड जैसे प्रोबायोटिक स्रोत भी आंतों के लिए फायदेमंद हो सकते हैं।
Harvard Health Publishing के अनुसार, लगातार तनाव और कम नींद का असर हार्ट हेल्थ, इम्युनिटी और पाचन पर पड़ सकता है। रोज 7-8 घंटे की नींद लेने और मेडिटेशन या योग जैसी गतिविधियों को दिनचर्या में शामिल करने की कोशिश करें।
40 की उम्र के बाद साल में एक बार हेल्थ चेकअप कराना अच्छी आदत हो सकती है। ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, लिपिड प्रोफाइल और डॉक्टर की सलाह के अनुसार अन्य जरूरी जांचें समय पर कराना कई बीमारियों का जल्दी पता लगाने में मदद कर सकता है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Published on:
03 Jul 2026 06:05 pm
