
ANA Positive रिपोर्ट देखकर समझिए इसका सही मतलब (photo- freepik)
ANA Blood Test: अगर पिछले कुछ महीनों से बिना किसी खास वजह के जोड़ों में दर्द बना रहता है, हर समय थकान महसूस होती है या चेहरे और शरीर पर बार-बार स्किन रैश निकल रहे हैं, तो डॉक्टर सिर्फ दर्द की दवा देने के बजाय कुछ खास ब्लड टेस्ट भी लिख सकते हैं। इनमें से एक है ANA Test (Antinuclear Antibody Test)।
कई लोग रिपोर्ट में ANA Positive देखकर घबरा जाते हैं और मान लेते हैं कि उन्हें कोई गंभीर बीमारी हो गई है। लेकिन ऐसा हमेशा नहीं होता। Mayo Clinic और American College of Rheumatology (ACR) के अनुसार, ANA टेस्ट किसी बीमारी की अंतिम पुष्टि नहीं करता, बल्कि यह डॉक्टर को यह समझने में मदद करता है कि कहीं लक्षणों के पीछे कोई ऑटोइम्यून (Autoimmune) बीमारी तो नहीं है।
MedlinePlus के अनुसार, ANA Test एक ब्लड टेस्ट है, जो खून में मौजूद Antinuclear Antibodies (ANA) की जांच करता है। ये ऐसे एंटीबॉडी होते हैं जो कुछ स्थितियों में शरीर की अपनी कोशिकाओं पर ही हमला करने लगते हैं। यह टेस्ट मुख्य रूप से तब कराया जाता है जब डॉक्टर को ऑटोइम्यून बीमारी का संदेह होता है।
हर व्यक्ति को यह टेस्ट कराने की जरूरत नहीं होती। डॉक्टर मरीज के लक्षण, मेडिकल हिस्ट्री और शारीरिक जांच के आधार पर इसका फैसला करते हैं।
Mayo Clinic और ACR दोनों के अनुसार, ANA Positive रिपोर्ट का मतलब यह नहीं कि व्यक्ति को निश्चित रूप से Lupus या कोई दूसरी ऑटोइम्यून बीमारी है। कुछ पूरी तरह स्वस्थ लोगों में भी ANA Positive पाया जा सकता है। इसके अलावा बढ़ती उम्र, कुछ संक्रमण और कुछ दवाएं भी ANA रिपोर्ट को प्रभावित कर सकती हैं।
ANA Test सिर्फ एक Screening Test है। यदि रिपोर्ट Positive आती है, तो डॉक्टर मरीज के लक्षणों, मेडिकल हिस्ट्री और अन्य जांचों को साथ देखकर निर्णय लेते हैं। जरूरत पड़ने पर वे अन्य ब्लड टेस्ट भी लिख सकते हैं। इसलिए केवल ANA रिपोर्ट देखकर बीमारी का निष्कर्ष नहीं निकाला जाता।
MedlinePlus के अनुसार, एएनए टेस्ट (ANA Test) मुख्य रूप से ऑटोइम्यून बीमारियों की पहचान करने में मदद करता है। इसका उपयोग सिस्टेमिक ल्यूपस एरिथेमेटोसस (SLE), शोग्रेन सिंड्रोम, स्केलेरोडर्मा और मिक्स्ड कनेक्टिव टिश्यू डिजीज जैसी गंभीर बीमारियों के मूल्यांकन के लिए किया जाता है। हालांकि, केवल इस टेस्ट से इन बीमारियों की पूरी पुष्टि नहीं होती है।
Mayo Clinic के अनुसार, सामान्य परिस्थितियों में ANA Test के लिए किसी विशेष तैयारी की जरूरत नहीं होती। अगर डॉक्टर ने साथ में अन्य ब्लड टेस्ट भी लिखे हैं, तो उनके अनुसार अलग निर्देश दिए जा सकते हैं।
यदि आपको कई हफ्तों से जोड़ों में दर्द या सूजन, लगातार थकान, बार-बार स्किन रैश, बिना वजह बुखार, मुंह में बार-बार छाले, उंगलियों का ठंड में सफेद या नीला पड़ना जैसे लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो स्वयं टेस्ट कराने या रिपोर्ट का मतलब निकालने की बजाय डॉक्टर से सलाह लें।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Published on:
03 Jul 2026 05:14 pm
