स्वास्थ्य

अल्सरेटिव कोलाइटिस : पेट दर्द के साथ खूनी दस्त हो जाएं सावधान

पेटदर्द के साथ खूनी दस्त इसके शुरुआती लक्षण होते हैं। कई बार लोग इन लक्षणों को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं जो आगे चलकर गंभीर रूप ले सकते हैं। इसमें बड़ी आंत की आंतरिक सतह में सूजन आ जाती है और उसमें छाले या घाव (Ulcer) होने लगते हैं।

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Sep 11, 2019

Ulcerative colitis बड़ी आंत से जुड़ी बीमारी है। इस बीमारी की शुरुआत बड़ी आंत के अंतिम हिस्से यानी मलद्वार से होती है और धीरे-धीरे पूरी आंत प्रभावित होने लगती है।
छोटी आंत में नहीं होती समस्या
Ulcerative colitis आमतौर पर Small Intestine में नहीं होती है लेकिन गंभीर स्थिति में जब बीमारी पूरी बड़ी आंत तक फैल जाती है तब छोटी आंत का अंतिम भाग भी प्रभावित हो सकता है। यह समस्या किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है। लेकिन इसके ज्यादातर मामले 15-30 वर्ष की उम्र में देखे गए हैं।
गलत खानपान भी प्रमुख वजह
स्टूल के साथ खून आना (खूनी दस्त), पेटदर्द, एनीमिया, थकान, सांस फूलना, बुखार, भूख न लगना, वजन घटना और इन वजहों से शरीर में पोषक तत्त्वों की कमी होने से कमजोरी आने जैसे लक्षण सामने आते हैं। ऐसा गलत खानपान की वजह से होता है। कुछ मरीजों को जोड़दर्द, आंख में सूजन, त्वचा पर घाव, पीलिया होना, उल्टी और बेचैनी की शिकायत हो सकती है।
संक्रमण भी है कारण
आनुवांशिकता के अलावा संक्रमण, तनाव, दवाओं का अधिक प्रयोग और संक्रमित भोजन से रोग प्रतिरोधक तंत्र में परिवर्तन होने लगता है। इन वजहों से बीमारी जन्म ले लेती है।
तो कोलोन कैंसर की आशंका बढ़ती
अल्सरेटिव कोलाइटिस के इलाज को टालते रहना मरीज में colon cancer की आशंका को बढ़ा देता है। कोलोन कैंसर की जल्दी पहचान व इलाज के लिए बीमारी के 10 वर्ष बाद नियमित तौर पर gastroenterologist से कोलोनोस्कोपी टैस्ट और बायोप्सी कराएं। इसके अलावा बीमारी की गंभीर अवस्था में आंतों से खून बहने से रक्त की कमी होना, आंतों का अत्यधिक फूलना, आंतों का फटना, रक्त से जुड़ा संक्रमण, आंत के कमजोर होने से इसमें छेद आदि का खतरा भी हो सकता है।
- डॉ. सुधीर महर्षि, गेस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट, जयपुर

Published on:
11 Sept 2019 03:02 pm
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