स्वास्थ्य

Worm Infested Mango: गुजरात में FSSAI ने कीड़े लगे आम जब्त किए, जानें खराब फलों के जूस को पीने के बाद क्या दिक्कतें हो सकती हैं

Worm Infested Mango: अगर आप भी फफूंदी लगे फल का खराब हिस्सा काटकर खा लेते हैं, तो यह बड़ी भूल है। जानिए अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन क्यों ऐसा करने से मना करता है।
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Updated: 4 Jun 2026, 4:02 PM IST
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फफूंदी लगा आम- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

Worm Infested Mango: गर्मियों के मौसम में मैंगो शेक या आम का जूस पीना हर कोई पसंद करता है। लेकिन हाल ही में गुजरात के फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट यानी एफएसएसएआई की टीम ने ऐसे आमों का स्टॉक जब्त किया है, जिसका इस्तेमाल मैंगो जूस और शेक बनाने के लिए होने वाला था।

जांच में सामने आया कि ये आम पूरी तरह से सड़ चुके थे, उनमें कीड़े रेंग रहे थे और फंगस लगी हुई थी। इस कार्रवाई के बाद फूड सेफ्टी रेगुलेटर FSSAI ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर जानकारी दी है। आइए जानते हैं कि ऐसे आमों का जूस पीने के बाद हमारे शरीर पर क्या असर पड़ता है?

कीड़े और फंगस वाला जूस पेट में गया तो क्या होगा

अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (USDA) का कहना है कि अगर किसी फल या सब्जी के ऊपर थोड़ी सी भी फफूंदी (उल्ली) दिख रही है, तो उसे काटकर खाने की गलती बिल्कुल मत करिए।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर किसी ने गलती से या अनजाने में ऐसे सड़े हुए और कीड़े वाले आमों का जूस पी लिया, तो उसकी सेहत पर क्या असर पड़ेगा?

फिजिशियन डॉक्टर संदीप जोशी के अनुसार, सड़े हुए फलों में मायकोटॉक्सिन नाम का फंगस होता है। जब यह पेट में जाता है, तो शरीर का पूरा सिस्टम बिगड़ जाता है।

सेहत को हो सकते हैं ये गंभीर नुकसान

ऐसा गंदा जूस अगर आपके पेट में पहुंचता है, तो फूड पॉइजनिंग हो सकती है। जूस में मौजूद बैक्टीरिया और कीड़े पेट की आंतों तक चले जाएं, तो आंतों में इन्फेक्शन हो सकता है। गंभीर मामलों में डिहाइड्रेशन, जिससे मरीज की हालत बहुत नाजुक हो सकती है। इसके अलावा, लंबे समय में यह लिवर और किडनी को भी नुकसान पहुंचा सकता है।

फूड पॉइजनिंग के लक्षण कब दिखते हैं

अमेरिकी FDA के अनुसार, ज्यादातर मामलों में, कोई भी खराब चीज खाने के 1 से 3 दिनों के भीतर इंसान बीमार पड़ जाता है। लेकिन कई बार इसका असर बहुत जल्दी यानी सिर्फ 20 मिनट के भीतर भी दिख सकता है, तो कभी-कभी इसके लक्षण सामने आने में 6 हफ्ते तक का लंबा समय भी लग जाता है। हालांकि, अधिकतर लोग कुछ ही दिनों में पूरी तरह ठीक हो जाते हैं, लेकिन कुछ मरीजों में यह बीमारी लंबे समय तक खिंच जाती है और गंभीर भी हो सकती है।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
4 Jun 2026, 4:02 PM IST
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