
पके हुए खाने में बैक्टीरिया की प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo- chatgtp)
Summer Food Safety: मई-जून की तपती गर्मी अपने साथ सिर्फ पसीना और थकान ही नहीं लाती, बल्कि पेट से जुड़ी कई गंभीर परेशानियां भी बढ़ा देती है। इन दिनों अस्पतालों के ओपीडी में उल्टी, दस्त, पेट दर्द और फूड पॉइजनिंग के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। गर्मियों में सबसे बड़ा खतरा बाहर के खाने से नहीं, बल्कि कई बार हमारे अपने किचन से शुरू होता है। तेज गर्मी और उमस बैक्टीरिया के लिए बिल्कुल परफेक्ट माहौल बना देती है। अगर पका हुआ खाना लंबे समय तक बाहर रखा रहे, तो वह दिखने में ठीक होने के बावजूद पेट के लिए नुकसानदेह बन सकता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के मुताबिक, 4°C से 60°C के बीच का तापमान बैक्टीरिया के लिए सबसे खतरनाक डेंजर जोन माना जाता है। इसी तापमान में बैक्टीरिया सबसे तेजी से बढ़ते हैं। गर्मियों में घर और किचन का तापमान अक्सर 35°C से 45°C तक पहुंच जाता है। ऐसे में दाल, चावल, दूध से बनी चीजें, नॉनवेज और कटे हुए फल-सब्जियां बहुत जल्दी खराब होने लगते हैं।
फूड सेफ्टी गाइडलाइंस के अनुसार, पका हुआ खाना गर्मियों में 2 घंटे से ज्यादा बाहर नहीं रखना चाहिए। इसके बाद उसमें बैक्टीरिया पनपने लगते हैं, भले ही खाने की स्मेल और स्वाद सामान्य क्यों न लगे। फूड माइक्रोबायोलॉजी रिसर्च के मुताबिक, डेंजर जोन वाले तापमान में साल्मोनेला (Salmonella), ई-कोलाई (E. coli) और स्टैफिलोकोकस (Staphylococcus) जैसे बैक्टीरिया हर 20 मिनट में दोगुने हो सकते हैं। यानी अगर खाना 3-4 घंटे तक बाहर रखा रहे, तो उसमें लाखों-करोड़ों बैक्टीरिया पनप सकते हैं।
गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट्स (पेट, आंत और लिवर रोग विशेषज्ञ) डॉक्टर लोकेश जैन ने पत्रिका से बातचीत में बताया कि, दूषित खाना आंतों की परत पर सीधा असर डालता है। इससे शरीर तुरंत रिएक्ट करने लगता है और कई परेशानियां शुरू हो जाती हैं।
बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में फूड पॉइजनिंग ज्यादा गंभीर रूप ले सकती है।
डॉ लोकेश ने बताया कि खाना बच जाए तो उसे 2 घंटे के अंदर फ्रिज में रख दें। लंबे समय तक बाहर छोड़ना सबसे बड़ी गलती हो सकती है।
पूरे खाने को बार-बार गर्म करके वापस फ्रिज में रखना बैक्टीरिया का खतरा बढ़ा देता है। जितना खाना हो, सिर्फ उतना ही गर्म करें।
फूड सेफ्टी गाइडलाइन के मुताबिक, कच्ची सब्जियां, फल और पके हुए खाने को हमेशा अलग-अलग रखें ताकि क्रॉस-कंटामिनेशन न हो।
गर्मियों में सिंक, चॉपिंग बोर्ड, चाकू और बर्तनों की नियमित सफाई बेहद जरूरी है। खाना बनाने और खाने से पहले हाथ धोना भी फूड पॉइजनिंग के खतरे को काफी कम करता है।
गर्मियों में फूड पॉइजनिंग का खतरा बहुत तेजी से बढ़ जाता है। इसलिए सिर्फ यह सोचकर निश्चिंत न हों कि खाना घर का बना हुआ है। सही तापमान, सही स्टोरेज और साफ-सफाई का ध्यान रखना उतना ही जरूरी है जितना अच्छा खाना बनाना। याद रखें, गर्मी में सिर्फ 2 घंटे की लापरवाही आपके पूरे परिवार को बीमार कर सकती है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Published on:
28 May 2026 03:18 pm
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