
नई दिल्ली। अफ्रीका के कुछ हिस्सों में इबोला वायरस के मामलों को लेकर देश में सतर्कता बरती जा रही है। वहीं केंद्र सरकार ने बुधवार को स्पष्ट किया है कि भारत में अब तक इबोला वायरस रोग का कोई मामला सामने नहीं आया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और सभी एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।
मंत्रालय के अनुसार, हाल ही में युगांडा से यात्रा कर लौटे एक व्यक्ति को शरीर में हल्के दर्द की शिकायत के बाद एहतियातन बेंगलुरु के एपिडेमिक डिजीज अस्पताल में निगरानी के लिए रखा गया था। व्यक्ति की स्थिति सामान्य थी और केवल हल्का बदन दर्द था। उसका सैम्पल जांच के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी भेजा गया था, जिसकी रिपोर्ट इबोला के लिए निगेटिव आई है। डब्ल्यूएचओ गाइडलाइन्स के अनुसार जिनकी भी ट्रैवल हिस्ट्री इबोला प्रभावित अफ्रीकी देशों की है और उन्हें जरा भी तकलीफ है तो उन्हें एहतियातन आइसोलेट किया जा रहा है।
इबोला एक गंभीर और कई बार जानलेवा वायरल बीमारी है। यह संक्रमित व्यक्ति या जानवर के शरीर के तरल पदार्थों के संपर्क से फैलता है। शुरुआती लक्षणों में तेज बुखार, कमजोरी, बदन दर्द और उल्टी शामिल हो सकते हैं। अफ्रीका के कुछ देशों में इसके प्रकोप सामने आए हैं।
-एयरपोर्ट और अन्य प्रवेश बिंदुओं पर निगरानी बढ़ाई गई
-संदिग्ध मामलों के लिए आइसोलेशन और जांच व्यवस्था सक्रिय
-एनआईवी समेत राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं को सतर्क रहने के निर्देश
Updated on:
28 May 2026, 2:42 PM IST
Published on:
28 May 2026, 2:42 PM IST
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