
Food Poisoning प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source - Patrika)
Food Poisoning: भीषण गर्मी के चलते शहर में समर डायरिया, फूड पॉइजनिंग, उल्टी-दस्त जैसी समस्याओं के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज सहित अन्य स्वास्थ्य केन्द्रों और निजी क्लीनिकों में बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस मौसम में भोजन और पानी की स्वच्छता पर विशेष ध्यान नहीं देने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
जानकारी के लिए बता दें कि फूड पॉइजनिंग दूषित भोजन या पानी पीने से होती है, जिसमें हानिकारक बैक्टीरिया, वायरस, फंगस या जहरीले पदार्थ मौजूद होते हैं। यह समस्या तब उत्पन्न होती है जब भोजन को ठीक से पकाया नहीं जाता, लंबे समय तक कमरे के तापमान पर छोड़ दिया जाता है, या गंदे हाथों/बर्तनों द्वारा संक्रमित किया जाता है।
उल्टी, दस्त, पेट दर्द, मरोड़
हल्का बुखार और कमजोरी
डिहाइड्रेशन
चक्कर आना
धुंधला दिखाई देना
तेज बुखार
बचाव के लिए विशेषज्ञों ने ताजा भोजन करने, पका खाना दो घंटे के भीतर फ्रिज में रखने, हाथों और किचन की साफ-सफाई बनाए रखने की सलाह दी है। साथ ही उबला या फिल्टर किया हुआ पानी पीने, फल-सब्जियों को अच्छी तरह धोकर उपयोग करने और कच्चे तथा पके खाद्य पदार्थों को अलग रखने पर जोर दिया गया है। गर्मी में तला-भुना और अधिक मसालेदार भोजन से भी बचना चाहिए।
समर डायरिया और फूड पॉइजनिंग के मरीज लगातार ओपीडी में आ रहे हैं। बचाव के लिए बासी, अस्वच्छ और बाहर का खाना खाने से बचें। पानी की शुद्धता को लेकर संदेह हो तो उसे उबालकर ही उपयोग करें। - डॉ. नवीन कोठारी, सीएमएचओ
Updated on:
20 Apr 2026 05:45 pm
Published on:
20 Apr 2026 05:44 pm
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