
हरियाली के बीच समय बिताते हुए लड़की की प्रतीकात्मक छवि (photo- freepik)
Nature Therapy Benefits: सुबह उठते ही मोबाइल, फिर ऑफिस का काम, मीटिंग्स, ट्रैफिक और दिनभर स्क्रीन के सामने बैठे रहना। आज की जिंदगी में तनाव इतना आम हो गया है कि कई लोगों को यह महसूस भी नहीं होता कि वे लगातार मानसिक दबाव में जी रहे हैं। ऐसे में अगर कोई आपसे कहे कि सिर्फ 20 मिनट पार्क में बैठने या पेड़ों के बीच टहलने से आपको राहत मिल सकती है, तो शायद यकीन करना मुश्किल लगे। लेकिन वैज्ञानिकों का मानना है कि प्रकृति के साथ बिताया गया थोड़ा-सा समय भी शरीर और दिमाग पर सकारात्मक असर डाल सकता है।
BBC Radio 4 के What's Up Docs? पॉडकास्ट में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की बायोडायवर्सिटी प्रोफेसर कैथी विलिस ने कई अध्ययनों का हवाला देते हुए बताया कि प्रकृति के बीच समय बिताने से शरीर खुद-ब-खुद रिलैक्स मोड में आने लगता है।
कभी गौर किया है कि पार्क में बैठते ही या किसी शांत जगह पर टहलते हुए मन हल्का लगने लगता है? इसकी वजह सिर्फ अच्छा माहौल नहीं है। जब हम हरियाली देखते हैं, पक्षियों की आवाज सुनते हैं या पत्तों की सरसराहट महसूस करते हैं, तो शरीर का वह सिस्टम सक्रिय होता है जो तनाव और आराम के बीच संतुलन बनाए रखता है।
इसी वजह से कई लोगों को प्रकृति के बीच कुछ देर बिताने के बाद दिल की धड़कन सामान्य लगती है, बेचैनी कम महसूस होती है और मन शांत होने लगता है। नेचर की रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटेन में करीब 20 हजार लोगों पर हुए एक अध्ययन में भी पाया गया कि जो लोग हर हफ्ते कम से कम 120 मिनट प्रकृति के बीच बिताते थे, वे खुद को ज्यादा स्वस्थ और मानसिक रूप से बेहतर महसूस करते थे।
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के रिपोर्ट के अनुसार तनाव होने पर शरीर में कॉर्टिसोल और एड्रेनालिन जैसे हार्मोन बढ़ जाते हैं। लंबे समय तक इनका स्तर ऊंचा रहने से नींद, मूड और सेहत पर असर पड़ सकता है। कुछ अध्ययनों में देखा गया कि प्राकृतिक वातावरण में समय बिताने वाले लोगों में इन तनाव वाले हार्मोन्स का स्तर कम हुआ। इतना ही नहीं, शरीर की रोगों से लड़ने वाली कुछ कोशिकाओं की गतिविधि भी बेहतर देखी गई।
सिर्फ हरियाली देखना ही नहीं, प्रकृति की खुशबू भी असर डाल सकती है। चीड़ और अन्य पेड़ों से निकलने वाले प्राकृतिक तत्व दिमाग को शांत करने में मदद कर सकते हैं। यही कारण है कि जंगल या पहाड़ी इलाकों में पहुंचते ही कई लोगों को ताजगी और सुकून महसूस होने लगता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मिट्टी, पौधों और प्राकृतिक वातावरण में मौजूद कई सूक्ष्म जीव हमारे शरीर के माइक्रोबायोम के लिए फायदेमंद हो सकते हैं। यही माइक्रोबायोम पाचन, इम्युनिटी और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ा माना जाता है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि आप किसी भी तरह की गंदगी के संपर्क में आएं, लेकिन प्रकृति से जुड़ाव शरीर को एक अलग तरह का लाभ जरूर दे सकता है।
हर किसी के पास रोज पार्क जाने का समय नहीं होता। ऐसे में घर की बालकनी में पौधे लगाना, खिड़की से हरियाली देखना या काम के बीच कुछ मिनट खुले वातावरण में बिताना भी मददगार हो सकता है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Published on:
04 Jun 2026 12:15 pm
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