
Ayurvedic Remedy for Dengue :डेंगू वायरस जनित रोग है, जो कि मच्छर के काटने से होता है। इसमें उच्च ज्वर, जोड़ों व हड्डियों में तीव्र दर्द, शरीर पर लाल रंग के रैशेज व दाने निकल आते हैं। आयुर्वेद में इसे विषम ज्वर में से एक माना गया है। इन दिनों डेंगू (Dengue) का प्रकोप चरम पर है।
सबसे पहले कब्ज की समस्या को दूर करें। मुनक्का भिगोकर खाएं। तुलसी व नीम के पांच-पांच पत्ते पीस लें। इनकी तीन गोली बनाकर दिन में एक-एक गोली तीन बार पानी से लें। इस तरह पांच दिन तक सेवन करें। सूखे नीम के पत्तों को जलाकर घर में धूनी दें। हल्दी आधा चमच, कालीमिर्च 2 नग, तुलसी के 2 पत्तों को 250 ग्राम पानी में उबालकर आधा पानी शेष रहने पर नींबू का रस-शक्कर मिलाकर पीएं। बिना दूध के नींबू की चाय पीएं। एक कप गर्म दूध में हल्दी 2 ग्राम, तुलसी के 2 पत्ते पीसकर मिलाकर दो बार सुबह शाम पीएं।
खुली हवा में रहें। गर्म पानी ठंडा कर 5 लौंग व तुलसी के पत्ते डाल दें। यही पानी पीएं। फ्रिज में रखी चीजें न खाएं। कपड़े, बिस्तर व घर को स्वच्छ रखें। घर व आसपास पानी इकट्ठा न होने दें, जहां पानी इकट्ठा हो वहां कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कराएं। घर में तुलसी के पौधे लगाएं। सुबह भ्रमण के समय तुलसी और नीम के 3-3 पत्ते अवश्य खाएं।
इनका सेवन करें - खिचड़ी, गेहूं का दलिया, पतली रोटी, मूंग, मसूर की दाल। दूध, मुन्नका, नींबू की चाय, मौसबी, सेब, पपीता और अनार आदि खाना चाहिए।
यह न खाएं - कुछ दिन चावल नहीं खाएं। तली चीजें, गरिष्ठ भोजन व बाजार की चीजें न खाएं।
डॉ.बंकटलाल पारीक आयुर्वेदाचार्य
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