Slip Disc: Slip Disc की बात करें तो ये आमतौर पर लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारी है, वहीं ये ज्यादातर बॉडी में कमजोरी के कारण होती है। इस बीमारी का खतरा बढ़ते उम्र के लोगों को अधिक रहता है।
स्पाइनल डिस्कस हमारे रीढ़ की हड्डी को सहारा देने का काम करती है, ये रीढ़ को चोट से बचा के रखने में और झटकों से बचा के रखने में मदद करती है। इसके ऊपर यदि कोई भी समस्या आती है या प्रभाव पड़ता है, तो इसे Slip Disc कहा जाता है। इसके होने पर Disc अपनी सामन्य सीमओं से आगे बढ़ जाता है। यदि इसका इलाज सही समय पर नहीं किया जाता है तो इसका असर हड्डी के आस-पास मौजूद नसों पर पड़ने लगता है। वहीं ये हाँथ-पैरों और रीढ़ की हड्डी में दर्द का कारण भी बनते हैं।
जानिए इसके होने वाले लक्षणों के बारे में
-मांसपेशियों में कमजोरी होने के कारण
-बॉडी में लगातार पेन होने के कारण
-खड़े और बैठने पर बॉडी और रीढ़ की हड्डी में तेजी से दर्द होने के कारण
-चाल-फेर पर बॉडी के निचले हिस्से में दर्द होने के कारण
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जानिए Slip Disc से कैसे खुद का बचाव कर सकते हैं
-सिगरेट या धूम्रपान का सेवन बिल्कुल न करें
-वेट को नियंत्रण में रखें, ज्यादा तेल-मसाले युक्त भोजन से बचाव करें
-तेजी या झटके से उठने से बचें
-रोजाना एक्सरसाइज करें और सुबह वॉक में जरूर जाएँ
-ज्यादा देर एक ही जगह न बैठें
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डिस्क्लेमर- आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए दिए गए हैं और इसे आजमाने से पहले किसी पेशेवर चिकित्सक सलाह जरूर लें। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने, एक्सरसाइज करने या डाइट में बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।