- संगठन के लिहाज से भी नर्मदापुरम पार्टी के लिए अच्छी सीट, 70 प्लस का फार्मूला चला , परिवार को टिकट नहीं मिला तो बदलेगा नर्मदापुरम के उम्मीदवार का चेहरा
नर्मदापुरम। भारतीय जनता पार्टी के 70 प्लस फार्मूले को लेकर एक बार फिर से उठा-पटक तेज हो गई है। यह फार्मूला आता है तो नर्मदापुरम से भाजपा से नया चेहरा देखने को मिल सकता है। नर्मदापुरम का राजनैतिक माहौल चुनाव के सालभर पहले ही इतना गर्मा गर्म है कि बंद कमरों में होने वाली बातें अब खुले में होने लगी है। नर्मदापुरम विधानसभा में भी अधिकांश कार्यकर्ता अब नर्मदापुरम सीट में बदलाव की मांग हाई कमान से भी कर चुके हैं। आधा दर्जन से अधिक कार्यकर्ता ऐसे हैं जो डॉ.शर्मा के बाद विधायक की दौड़ में खुद को मान रहे हैं। 2023 में हाेने वाले चुनावों में अब 73 के होने वाले डॉ.सीतासरन शर्मा को और उनके परिवार से टिकट की कार्यकर्ताओं को संभावनाएं कम दिख रही है। इसलिए नर्मदापुरम से इस बार पार्टी शर्मा परिवार से हटकर उम्मीदवार चुन सकती है।
परिवारवाद को मोदी की मनाही
कार्यकर्ताओं में इसलिए उत्साह दिखाई दे रहा है कि पीएम मोदी ने परिवार वाद को लेकर सीधे मना किया है, ऐसे में इस बार शर्मा परिवार से पहली बार टिकट बाहर जा सकती है। जिसके बाद विधायक विरोधी खेमें में गतिविधियां एक बार फिर तेज हुई है।
नर्मदाुपरम में कबसे भाजपा
भारतीय जनता पार्टी नर्मदापुरम में 1980 में मधुकर राव हर्णे ने जीती थी। 1985 के चुनाव में भाजपा फिर कांग्रेस से हारी, लेकिन मधुकरराव हर्णे ने 1990 के चुनावों में फिर वापसी की। 2008 में सबसे पहले शर्मा परिवार से गिरजाशंकर शर्मा को टिकट मिला, वो भाजपा से जीत कर भी आए। 2013 में विधायक डॉ.सीतासरन शर्मा अपने भाई का टिकट काटने के बाद वापस में आए। इसके पहले इटारसी में डॉ.सीतासरन शर्मा में 1990, 1993,1998 में इटारसी के विधायक रहे हैं।
नर्मदापुरम के विधायक ने आयोग को लिखा पत्र
नर्मदापुरम के विधायक डॉ.सीतासरन शर्मा ने चुनाव आयोग को पत्र लिखा है। जिसमें होशंगाबाद विधानसभा क्रमांक 137 का नाम बदलकर नर्मदापुरम किए जाने की मांग की गई है।
इनका कहना है
अब कार्यकर्ताओं को आने वाले चुनावों में काफी उम्मीदें है, इस बार पार्टी के कार्यकर्ताओं को लग रहा है कि इस बार किसी युवा को लाया जाएगा। पार्टी इसे लेकर साफ है कि इस बार कार्यकर्ता ही आएंगे। हमरी तरफ से प्रदेश में कार्यकर्ताओं की उम्मीदों के संबंध में संगठन के सामने बात रखी गई है।- अखिलेश खंडेलवाल, पूर्व नपा अध्यक्ष एवं अध्यक्ष झ़ुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ