पूर्व अध्यक्ष पर गिरी पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने पर गाज
पिपरिया/पचमढ़ी। भाजपा ने अपने ही एक मुस्लिम नेता को पार्टी से निकाल दिया। उस पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने का आरोप है। उसने भाजपा पर अल्पसंख्यक के विरोधी पार्टी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि उसे निष्कासित करने से साफ हो गया कि भाजपा अल्पसंख्यकों के प्रति दुरभावना रखती है। इससे जिले की राजनीति में हलचल मच गई। अल्पसंख्यकों का दिल जीतने में जुटी भाजपा के लिए इससे झटका लगा है।
मुस्लिम नेता हांसिए पर
भाजपा पर आरोप है कि उसने प्रदेश में मुस्लिम नेताओं को हांसिए पर कर रखा है। वह उन्हें महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त नहीं करती। लेकिन उनका वोट बैंक के लिए उपयोग करती है। इस कारण यह वोटर एक बार फिर कांग्रेस के पाले में जाता हुआ दिख रहा है।
इसलिए किया बाहर
छावनी परिषद पचमढ़ी में चुनाव चल रहे हैं। यहां पार्टी ने अपने पूर्व मंडल अध्यक्ष मो.अलीम कुरैशी को टिकट नहीं दिया तो वह वार्ड 1 से बागी होकर मैदान में उतर गए। इस पर मो.अलीम कुरैशी को भाजपा ने ६ साल के लिए निष्कासित कर दिया है। भजपा जिलाध्यक्ष हरिशंकर जायसवाल ने बताया कि पचमढ़ी छावनी चुनाव वार्ड ०१ से अधिकृत प्रत्याशी मनोज श्रीवास के खिलाफ पार्टी के मो.अलीम कुरैशी निर्दलीय चुनाव लड़ रहे थे इसे अनुशासनहीनता मानते हुए मण्डल अध्यक्ष चंद्रकांत अग्रवाल ने निष्कासित करने पत्र जारी कर दिया है। मामले में कुरैशी का कहना है उन्हे निष्कासन संबंधी पत्र नहीं मिला है वाट्सएप पर उन्होंने देखा। कुरैशी का कहना है कि वे 40 साल से पार्टी की सेवा कर रहे हैं चुनावी बैठक में पदाधिकारियों ने उन्हें बुलाया तक नहीं इससे साबित होता है कि भाजपा अल्पसंख्यकों के प्रति दुरभाव रखती है। निष्कासान के बाद कांग्रेस में जाने के सवाल पर कुरैशी ने कहा चुनाव के बाद सहयोगियों से चर्चा के बाद कोई निर्णय लेंगे। बहरहाल कुरैशी के पार्टी से निष्कासन के बाद भाजपा की चुनावी सियासत सुर्खियों में है वहीं कांग्रेस कुरैशी के निष्कासन को चुनाव में भुनाने की जुगत में लग गई है।