
होशंगाबाद। 'मैंने, चार लोगों से बेपनाह प्यार किया। मैंने अपनी जिंदगी में सिर्फ एक गल्ती की वह थी किसी से बेपनाह प्यार करना। मैंने तुम्हारी हर गलती माफ की लेकिन तुम मेरी एक गलती माफ नहीं कर सके। मां-पापा मुझे माफ कर देना। अपना ख्याल रखना।Ó यह उस सुसाइड नोट के वाक्य हैं, जो अपने माता-पिता को लिखने के बाद कालेज गर्ल नर्मता चौहान (२३) ने फांसी लगाकर जान दे दी। बीए सेकंड इयर की यह छात्रा भोपाल के एक गल्र्स हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही थी।
मां से हुई थी मोबाइल पर बात
मां-बेटी के बीच एक दिन पहले मोबाइल पर बातचीत भी हुई थी, तब मामला बिलकुल ठीक था। छात्रा राजा मोहल्ला निवासी बाबई मॉडल स्कूल के प्रभारी प्राचार्य डीके चौहान की बेटी है।
इन चार से करती थी प्यार
छात्रा के पास से मिले सुसाइड नोट में उसने लिखा है कि मैंने जिंदगी में सिर्फ चार लोगों को बेहद प्यार किया। मां-पापा, भाई और गब्बर से। आगे उसने लिखा कि मैंने जिंदगी में सिर्फ एक ही गलती की किसी से बेपनाह प्यार किया। मैंने तुम्हारी हर गलती माफ की लेकिन तुम मेरी एक गलती माफ नहीं कर सके। मां-पापा मुझे माफ कर देना। अपना ख्याल रखना। सुसाइड नोट के बाद पुलिस प्रेम-प्रसंग का मामला मान कर जांच कर रही है। सुसाइड नोट में किसी गब्बर का जिक्र किया है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
सहेली के कमरे में उठाया कदम
बताया जाता है कि छात्रा नम्रता ने जिस कमरे में फांसी लगाई वह उसका कमरा नहीं था। होशंगाबाद जिले के बाबई निवासी नर्मता चौहान पिता दिनेश चौहान (23) बीए सेकंड इयर की छात्रा थी। रात में वो तीन बजे तक अपनी रूम मेट के साथ पढ़ाई की। उसके बाद उसकी रूम मेट अपने कमरे में चली गई। सुबह जब 5.30 बजे उसकी दोस्त जब उसके कमरे में आई तो देखा कि अंदर से कमर लॉक है। तोड़कर अंदर देखा तो नर्मता फांसी पर लटकी हुई थी। सूचना पर पुलिस पहुंची और शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।पढ़ाई में थी होनहार
पिता डीके चौहान ने बताया उनकी बेटी पढ़ाई में शुरु से ही होनहार रही। उसने यह कदम क्यों उठाया।
घर में माहौल हुआ गमगीन
नम्रता द्बारा यह कदम उठाने के बाद घर सहित मोहल्ले का माहौल गमगीन हो गया है।