परेशान लोग पहुंचे कलेक्टर के पास
होशंगाबाद। नपा द्वारा अमर चौक में बनाई गई दोपहिया पार्किंग में अतिक्रमण कर लिया गया है। सड़क पर पार्किंग हो रही है। दिन भर जाम लग रहा है। यह समस्या लेकर पहुंचे अमर चौक के रहवासियों ने कलेक्टर से अतिक्रमण हटाने की मांग की। कलेक्टर ने एसडीएम को निरीक्षण कर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। जिला पंचायत सभागार में आयोजित जनसुनवाई में कलेक्टर प्रियंका दास ने 190 आवेदनों पर सुनवाई की और संबंधित अधिकारियों को निराकरण के निर्देश दिए। जनसुनवाई में भूमि सीमांकन, अतिक्रमण, राशन कार्ड बनवाने सहित अन्य समस्याओं के आवेदन भी दिए गए। जनसुनवाई में अपर कलेक्टर केडी त्रिपाठी, जिला पंचायत सीईओ पीसी शर्मा, डिप्टी कलेक्टर निधि सिंह गोहल मौजूद थीं।
ट्राइसिकल पाकर छलके कांतिबाई के आंसू
ग्वालटोली निवासी दिव्यांग महिला कांति बाई प्रधान मंत्री आवास योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदन लेकर कलेक्टर के समक्ष पहुंची। कांति बाई दोनों पैरों से चलने में असक्षम हैं। कलेक्टर ने उपसंचालक सामाजिक न्याय को तत्काल कांति बाई को ट्राइसिकल प्रदान करने के निर्देश दिए। साथ ही सीएमओ नपा को निर्देशित किया कि कांति बाई को पीएम आवास योजना का लाभ दिया जाए।
यह मिली शिकायतें
-ग्राम कन्हवार पिपरिया के जीवन सिंह ने पीएम आवास योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदन दिया।
-रसूलिया निवासी हेमंत साहू दिव्यांग हैं। शासकीय स्कूल गनेरा बाबई में अंग्रेजी के वरिष्ठ अध्यापक है। स्कूल तक आने-जाने में उन्हें रोज लगभग 80 किमी सफर करना पड़ता है। उन्होंने स्थानांतरण करने का निवेदन किया।
-मकोडिय़ा के मुंशीलाल ने शिकायत की कि उनके स्वामित्व की जमीन के कुछ भाग पर अन्य लोगों ने कब्जा कर लिया गया है।
-सिमा के अभिषेक कहार ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन दिया। बताया कि उनके पिता पटवारी थे। उनकी मृत्यु के बाद अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन दिया। प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं की गई है।
-होशंगाबाद की सेवानिवृत्त एएनएम दुर्गा शर्मा ने बताया कि वे अक्टूबर 2016 में सेवानिवृत्त हुर्इं थीं। वेतन का पुर्ननिर्धारण कर वेतन अंतर की राशि का भुगतान किया जाना हैं। अभी तक कार्रवाई नही की गई।
-ग्राम भरगदा के निवासियों ने बताया कि उनके ग्राम तक पहुंचने के लिए कच्ची सडक है जहां बारिश के मौसम में कीचड हो जाता है। आवागमन बाधित होता है।
-ग्राम धोबीखापा की संगीता मेहरा ने बताया कि वे अपने परिवार के साथ एक कच्ची टपरिया बनाकर रहती हैं। 3 जून को आंधी तूफान के कारण वह टपरिया टूट गई।