
बैतूल। आपने अन्ना हजारे का नाम तो सुना ही होगा जो अपने अधिकारों के लिए कई बार भूख हड़ताल पर बैठे। ठीक ऐसे ही एक ओर अन्ना हजारे से हम आपको रूबरू कराने जा रहे हैं, जो अपने उजड़ते शहर को बचाने के लिए अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे है। सारणी के अन्ना हजारे ८८ वर्ष स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व समिति के संयोजक कृष्ण मोदी जो अपने उजड़ते शहर को बचाने के लिए भूख हड़ताल पर बैठे है। इनके हड़ताल पर बैठते ही प्रशासन में भी हड़कंप मच गया है। इनके साथ साथ नगर के लोगों को जागरूक करने उद्योग बचाओं, नगर बचाओं संघर्ष समिति द्वारा अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की लगातार जारी है। यह हड़ताल कई दिनों से चल रही है। आज से अनिश्चितकालीन भूखहड़ताल भी शुरू की गई। इधर उद्योग बचाओं, नगर बचाओं संघर्ष समिति के तत्वाधान में उजड़ते शहर को बचाने १५ वें दिन यानि आज जयस्तंभ चौक पर क्रमिक भूखहड़ताल जारी रही। लेकिन प्रशासन कोई सुध नहीं ले रहे थे।
प्रशासन में मचा हड़कंप
१५ वें दिन की क्रमिक भूखहड़ताल पर बैठे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कृष्ण मोदी के भूख हड़ताल पर बैठते ही बुधवार को जिला प्रशासन हरकत में आया है। वहीं बुधवार को आंदोलन स्थल पर जिला प्रशासन मौके पर पहुंचा जिसमें एसडीएम, तहसीलदार, टीआई पहुंचे।
प्रधानमंत्री के नाम भेजा पत्र
इससे पहले उन्होंने प्रधानमंत्री के नाम पत्र भेजा है। उन्होंने कहा कि 15 दिन में 68 लोग शहर के अस्तित्व को बचाने अब तक क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठ चुके हैं। मंगलवार को महिला शक्ति आंदोलन में शामिल हुई। संगीता डहेरिया, लक्ष्मी गोहे, ममता साहू, पार्वती इईके, महेंद्र कौर, लक्ष्मी साहू, माया वर्मा, नशरीन कुरैशी, वैशाली रोतिया, कामरेड रामू पवांर, रमेश भूमरकर, संदीप खादीपूरे क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे। समिति के राकेश महाले ने कहा कि आंदोलन को एक पखवाड़ा बीत गया है पर जिम्मेदारों ने कोई गंभीरता नहीं दिखाई। उन्होंने कहा कि शहर का विकास संघर्ष के रास्ते पर चलकर ही होगा। यह अब हम सबको समझना होगा। इसलिए संघर्ष रूकना नहीं चाहिए। महिला शक्ति के समर्थन में संगीता कापसे, सुनीता चढ़ोकर, छाया फोफसे, सुशीला फोफसे, याशीन खान, सुमन वाईकर, वोलदेवी, बलजीत कोर, शरदा बाई, रामा वाईकर, मो. इलियास, गंगाधर चढ़ोकर, विनोद जगताप, हरिश पटेल, प्रवीण निरापुरे, गजेंद्र जावरे, पंचू खान, सीएम बेले, रामकिशोर बेहरे, सतीश बामने, सुरेश जावलकर, एसपी मेहरा समेत अन्य लोग आंदोलन स्थल पर मौजूद रहे।