होशंगाबाद

आजादी के जश्न के साथ भोलेनाथ के दरबार में मनेगा नागपंचमी का त्योहार, तस्वीरों में देखें शिव भक्तों का उत्साह

नागद्बारी मेला का 15 अगस्त को अंतिम दिन, 14 को पहुंचे करीब 40 हजार शिवभक्त
3 min read
independence day and nag panchami 2018 celebration photo
आजादी के जश्न के साथ भोलेनाथ के दरबार में मनेगा नागपंचमी का त्योहार, तस्वीरों में देखें शिव भक्तों का उत्साह

पिपरिया। पचमढ़ी नागद्बारी मेला के 9वे दिन करीब 40 हजार शिव भक्तों ने पहुंचकर मत्था टेका। 15 अगस्त को नागपंचमी होने से यह संख्या और बढ़ेगी। क्योंकि मेला में महाराष्ट्रीयन भक्तों की संख्या अधिक होती है और नागपंचमी के दिन विशेषकर बढ़ जाती है। मेला का 15 अगस्त को अंतिम दिन है। आखिरी दिन यह संख्या और बढऩे की उम्मीद है। इसको लेकर प्रशासन ने भी तैयारी की है।

जटा शंकर और बड़ा महादेव मंदिर में पहुंचे श्रद्बालु
शिवालयों में सुबह से शिव भक्तों का तांता लगा रहा। सुबह से शिव अभिषेक किए गए। मंदिरों में भस्म आरती की गई। वहीं पचमढ़ी शिव मंदिरों में भी शिव अभिषेक किया गया। जटा शंकर, बड़ा महादेव और नागद्वारी गुफा मंदिर में अलसुबह से ही श्रद्धालुओं की कतार लगी रही। वहीं पिपरिया में भी ऊमर वाले दादा शिव मंदिर में पूजन किया गया।

सावन सोमवार को पहुंचे 40 हजार श्रद्धालु
पचमढ़ी नागद्वारी मेले में सोमवार को करीब 40 हजार श्रद्धालुओं ने आमद दर्ज कराई। वाहन पार्किंग वाहनों से पैक रही वहीं सड़कों पर बम बोल के जयकारे करते महाराष्ट्रीयन भक्त यात्रा पर जाते दिखे। पचमढ़ी के जटा शंकर मंदिर में कतार लगाकर श्रद्धालुओं ने भोले शंकर का पूजन किया। इसके अलावा चौरागढ़ मंदिर, बड़े महादेव, चित्रशाला, चिंतामन, नागफनी में श्रद्धालुओं ने पूजन अर्चन किया।

गत वर्ष से काम
एसडीएम मदन सिंह रघुवंशी ने बताया कि नागद्वारी मेले में श्रद्धालुओं का आगमन जारी। हलांकि यह संख्या पिछले साल के मुकाबले कम है। मेला का 15 अगस्त को अंतिम दिन होने के कारण यह संख्या और बढ़ सकती है।

मेले का इतिहास और किवदंती
नागद्वारी यात्रा का इतिहास दशकों पुराना है। यहां आने वाले मडलों के अनुसार पुरखों से नागद्वारी दर्शन की परंपरा चली आ रही है। महादेव मेला समिति का गठन1954 में हुआ था उसके बाद से जिला प्रशासन की देखरेख में मेला संचालित हो रहा है। पूर्व में महज एक नायब तहसीलदार ही पूरा मेला संचालित करता था। बाद में समिति का गठन हुआ और मेला प्रशासन की देखरेख में संचालित होने लगा।

Published on:
14 Aug 2018 01:45 pm