डीजल शेड इटारसी में हुआ हादसा, रेलवे अस्पताल में घायलों को किया गया भर्ती
इटारसी. इटारसी के डीजल शेड में दो इंजन रन टेस्ट के दौरान टकरा गए। हादसे में छह रेलकर्मी बुरी तरह घायल हो गए हैं। रेलकर्मियों के सिर, हाथ, पैर और शरीर में अंदरूनी चोटें आई है। सभी घायलों को न्यूयार्ड रेलवे अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। घटना सुबह करीब छह बजे की बताई जा रही है।
डीजल शेड न्यूयार्ड में रोज की तरह कामकाज सामान्य रूप से चल रहा था। इसी दौरान दो इंजनों के आपस में टकराने की जोरदार आवाज आई तो रेलकर्मी सकते में आ गए। हादसा सुबह करीब 6 बजे मेंटनेंस पिट के सामने ट्रैक पर हुआ। यहां इंजनों का रन टेस्ट किया जा रहा था। इंजनों की स्पीड अधिक होने की वजह से एक ही ट्रैक पर आमने-सामने दो इंजनों की भिड़ंत हो गई। हादसे में अरुण कुमार, सपन कुमार, अशित चौरे, महेश कुमार, श्याम कुमार और गजेंद्र शर्मा घायल हो गए। सभी रेलकर्मियों को रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां मरीजों का एक्सरे व अन्य उपचार दिया गया। हादसे के बाद डीजल शेड इटारसी में मामले की जांच की जा रही है। शेड में अधिकारियों की बैठकों का दौर शुरू हो गया है। जिसमें हादसा किस वजह से हुआ सहित सुरक्षा पहलुओं पर बात की जा रही है।
पहले हो भी हो चुके हैं हादसे
डीजल शेड में इससे पहले भी रेल इंजनों के आपस में टकराने के हादसे हो चुके हैं। जिसमें पहले भी मेंटनेंस करने वाले रेलकर्मी घायल हो चुके हैं। शेड में पूरे भारतीय रेलवे के डीजल इंजनों का मेंटनेंस किया जाता है। लगातार यहां बढ़ती जा रही इंजनों की संख्या के कारण कर्मचारियों पर काम का दबाव है। इस संबंध में रेलवे यूनियनों द्वारा समय-समय पर इंजनों की बढ़ती संख्या के हिसाब से पदों को भरने की मांग भी की जाती रही है।
सेक्शन में लोको फेलुअर रिकार्ड मेंटनेंस, नहीं लगाया सॉफ्टवेअर
इटारसी। भोपाल मंडल के बड़े उपक्रम में शामिल इटारसी विद्युत लोको शेड में लोको यानी इंजन फेलुअर का रिकार्ड मेंटेन करने का काम ऑन लाइन नहीं हो पाया है। इंजन फेलुअर से जुड़े रिकार्ड आवश्यकता पडऩे पर या तो रजिस्टर में खंगाले जाते हैं या फिर कंप्यूटर से पिं्रट निकालकर एक सेक्शन से दूसरे सेक्शन में भेजे जाते हैं। दो साल पहले चीफ इलेक्ट्रिकल इंजीनियर के लोको फेलुअर सॉफ्टवेअर का उपयोग करने के निर्देश होने के बावजूद एसी शेड प्रबंधन अब तक इस सॉफ्टवेअर से खुद को कनेक्ट नहीं कर पाया है।