पिपरिया में किसानों ने किया हाइवे जाम
पिपरिया। भोपाल में सोमवार को होने वाली किसान पंचायत में शामिल होने के लिए जा रहे बनखेड़ी के सैकड़ों किसानों ने अचानक हाइवे पर जाम कर दिया। यह सभी किसान भोपाल के आयोजन में शामिल होने के लिए जा रहे थे। कोई समझ पाता मामला क्या है तब तक सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। और गुजरने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ा। करीब आधे घंटे तक लगे इस जाम के कारण वाहन चालक परेशान रहे।
इसलिए थे नाराज
दरअसल बनखेड़ी के यह किसान पिपरिया में नाश्ता वितरण में हो रही अनियमितता को लेकर नाराज थे। भोपाल जाने के लिए करीब ४ बसों से किसान पिपरिया पहुंच थे, जहां पर सभी किए नाश्ते का वितरण किया जा रहा था, यहां पर बनखेड़ी के किसानों ने आरोप लगाया कि उ
भोपाल जा रहे किसानों को पूड़ी पैकेट वितरण में अनियमितता की जा रही है। पिपरिया के किसानों को नाश्ता के पैकेट दिए, जिनको पैकेट नहीं दिए गए उनको नाश्ते के लिए पैसे दिए गए। लेकिन बनखेड़ी के किसानों को न तो नाश्ता दिया गया न ही उनको पैसे दिए गए। बस इसी बात पर किसान नाराज हो गए।
एकत्र होकर पहुंचे सिलारी चौक
सभी किसान एकत्र होकर पिपरिया के सिलारी चौक पर जहां उन्होंने अपनी बसों को खड़ा किया और जाम लगा दिया। इस कारण बरेली-पिपरिया, बनखेड़ी पिपरिया हाइवे पर वाहनों का लंबा जाम लगा रहा।
सूचना मिलते ही पहुंचे टीआई
मामले की सूचना मिलते ही टीआई अनूप सिंह नैन मौके पर पहुंचे। और किसानों को समझाइश दी। बाद में किसानों ने जाम खोला, तब जाकर यातायात सुचारू रुप से शुरु हो सका।
जिले में २०० यात्री बसों में १५० प्रशासन ने ली
होशंगाबाद. मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान कार्यक्रम में जिले से किसानों को भोपाल ले जाने के लिए करीब 450 बसों का अधिग्रहण किया गया है। होशंगाबाद जिले में बसें नहीं मिली तो जबलपुर से २०० और सिवनी से १०० बसें अधिग्रहित कर यहां लाई गई हैं। इनमें जिले के २२ हजार किसानों को भोपाल भेजा जाएगा। होशंगाबाद जिले की २०० बसों में १५० को प्रशासन ने अपने कब्जे में लिया है।
कृषि विभाग किसानों को लेकर जाएगा। जिला कृषि विभाग के उप संचालक जितेंद्र सिंह ने बताया कि भोपाल में आयोजित प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सोमवार सुबह किसानों को बसों से ले जाया जाएगा। इसके लिए 450 बसों की व्यवस्था जिला प्रशासन के माध्यम से हुई है। पंचायतवार किसानों को बसों से भोपाल रवाना किया जाएगा। आम यात्रियों के लिए प्रशासन ने कोई भी वैकल्पिक परिवहन के इंतजाम नहीं किए हैं। सबसे अधिक यात्री होशंगाबाद, बैतूल एवं हरदा के परेशान होंगे।