पिपरिया में कथा के दौरान मंच पर पहुंचे सीएम शिवराजसिंह चौहान ने १० मिनट तक किया संबोधित
पिपरिया। चटकारेदार भाषण देने वाले सीएम शिवराजसिंह चौहान शुक्रवार को पिपरिया में अलग अंदाज में दिखे। उनका भाषण भी पार्टी और चुनावी नहीं था। मौका था पिपरिया में एक कथा मंच का। जहां अचानक पहुंचे सीएम के कारण कुछ देर के लिए कथा रूकी और फिर शुरू हुआ सीएम का संबोधन। खासकर हवाला घोटाले पर दिए गए उनके बयान से नेताओं और अफसरों में हड़कंप मच गया।
हवाला को लेकर यह कहा
मंच जरूर कथा का था लेकिन यहां भी सीएम ने नेताओं को चेतावनी दी, उन्होंने अपने करीब १० मिनट के संबोधन में कहा कि यदि नेता हो तो हवाला घोटाला न करो और ठेकेदार हो तो मलेरियल में मिलावट न करो।
यह है मामला
शुक्रवार शाम को सीएम पिपरिया पहुंचे। वह शाम करीब ४.३० बजे तुलसी नगर पुराना गल्लाबाजार पिपरिया स्थित कथा पंडाल पहुंचे। यहां श्री राम कथा यज्ञ प्रवचन चल रहे थे। सीएम यहां मंच पर पहुंचे। इस समय व्यास गादी पर जगत गुरु राम दिनेश आचार्य अयोध्या और संत महाराज कथा गादी पर विराजमान थे। मंच पर पहुंचते ही मुख्यमंत्री ने धार्मिक मंच से प्रवचनरूपी भाषण शुरु किए।
यह कहा सीएम ने
- उन्होंने करीब १० मिनट के भाषण में सरकारी अधिकारियों को आगाह करते हुए कहा की वे ईमानदारी से अपना कार्य करें।
- डॉक्टर मरीज की सेवा भगवान बनकर करें।
- इंजीनियर निर्माण कार्य कार्य में सीमेंट बजरी का उपयोग गुणवत्ता के आधार पर करें।
नेता भ्रष्टाचार हवाला छोड़कर जनता की सेवा करें तो उन्हें किसी मंदिर में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। भगवान के साक्षात् दर्शन होंगे। और समाज प्रगति करेगा।
- उन्होंने हरी मेहंदी का उदाहरण देते हुए कहा की मेहंदी पत्थर पर घिसने के बाद ही अपना रंग प्रकट करती है।
चर्चा का विषय रहा सीएम का आना
कथा स्थल पर सीएम का पहुंचना हर किसी के बीच चर्चा का कारण बना रहा। क्योंकि कथा मंच पर संतों के अलावा कभी कोई नेता नजर नहीं आया। तुलसी नगर पुराना बाजार में श्री राम यज्ञ मानस परायण कथा का आयोजन 7 फरवरी से प्रारंभ हुआ है जो दोपहर १ बजे से ५ बजे तक होता है।