आश्रम संचालक अवस्थी द्वारा बलात्कार का मामला
होशंगाबाद. बलात्कार के दर्ज मामले में बुधवार को पीडि़ता मूक-बधिर युवती को कोतवाली पुलिस ने न्यायिक मजिस्टे्रट प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी) अभिनव कुमार जैन की कोर्ट में पेश किया। जहां साइन लेंग्वेज एक्सपर्ट श्रृद्धा शुक्ला की मदद से पीडि़ता के धारा 164 में कलमबंद बयान दर्ज किए गए। इसमें करीब ढाई घंटे का समय लगा। बयान में पीडि़ता ने एफआईआर में उल्लेखित घटना को दोहराया। जिसमें सांई विकलांग अनाथ आश्रम के संचालक आरोपी एमपी अवस्थी ने उसके साथ मारपीट कर बलात्कार किया है। इस घिनौने कृत्य में उसका साथ केयर टेकर कविता चौहान ने दिया। कविता चौहान से कोतवाली पुलिस पूछताछ कर रही है। पीडि़ता को पुलिस भोपाल से साइन लेंग्वेज एक्सपर्ट के साथ होशंगाबाद कोतवाली लाई थी। कोर्ट में बयान के बाद उसे पुन: भोपाल भेज दिया गया। पुलिस आरोपी एमपी अवस्थी की भोपाल कोर्ट के माध्यम से पहले ही गिरफ्तारी कर चुकी है। अब आरोपी को प्रोटेक्शन वारंट के जरिए होशंगाबाद लाने की तैयारी की जा रही है।
घटना स्थल आश्रम लेकर गई पुलिस : पीडि़ता को पुलिस कोर्ट पेश करने के बाद घटना स्थल मालाखेड़ी रोड स्थित बंद हो चुके सांई विकलांग अनाथ आश्रम लेकर गई। जहां प्रकरण से संबंधित जानकारी दर्ज की गई। पुलिस ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। आसपास के लोगों से भी आश्रम की पूर्व की गतिविधियों के बारे में भी जानकारी ली। पुलिस जांच में पता चला है कि 70 साल का आश्रम संचालक अवस्थी मूक-बधिर छात्राओं की विकलांगता का फायदा उठाकर उनसे बलात्कार करता था।
ऐसे हुआ था आश्रम का भंडाफोड़ : भोपाल के खजूरी थानांतर्गत ग्राम बैरागढ़ कला स्थित आरोपी एमपी अवस्थी के सांई विकलांग अनाथ आश्रम में यौन शोषण की शिकायत के बाद मूक बधिर छात्राओं से बलात्कर का मामला सामने आया था। टीटी नगर थाना मेें जीरो पर केस दर्ज कर केस डायरी कोतवाली भेजी गई थी। अभी तक अवस्थी के खिलाफ पांच एफआईआर दर्ज हो चुकी है। एक अन्य मामले में भी आश्रम की प्रबंधक-सहायिका मीता मिश्रा के लड़के अभिषेक मिश्रा के खिलाफ भी एफआईआर हुई है।
आठ साल से हो रही शोषण की शिकार - होशंगाबाद मालाखेड़ी स्थित बंद हो चुके आश्रम में उक्त पीडि़ता वर्ष 2010-11 में आई थी। तब से लेकर केस दर्ज होने तक वह आश्रम संचालक एमपी अवस्थी की शारीरिक व मानसिक शोषण की शिकार हो रही थी। इस मामले की तत्कालीन कलेक्टर ने एसडीएम से जांच कराई थी। लेकिन इसके बाद सामाजिक न्याय विभाग ने मामला रफादफा कर दिया। संचालक अवस्थी यहां से आश्रम बंद करके भोपाल चला गया।