
पिपरिया ( शकील नियाजी). लोक स्वास्थ्य यांत्रिकीय विभाग और जनपद पंचायत के संयुक्त तत्वावधान में शासन की जल जीवन मिशन योजना को अमल में लाने की कवायाद शुरु कर दी है। सचिव, जीआरएस को बैठक के माध्यम से योजना संबंधी जानकारी दे दी गई है वही पीएचई ने ग्राम पंचायत और ग्राम से प्रशिक्षण के लिए सदस्यों की सूची बनाकर जिला मुख्यालय को भेज दी है।
ग्रामीण क्षेत्र के हर घरों में 2024 तक नल कनेक्शन सुविधा सुनिश्चित करने शासन के जल जीवन मिशन पर पिपरिया ,बनखेड़ी ब्लॉक में प्रांरभिक काम शुरु हो गया है। पीएचई ने लक्ष्य की दिशा में काम प्रारंभ कर ग्राम पंचायत से 02 और ग्राम से 01 व्यक्ति को चयनित कर प्रशिक्षण के लिए नाम जिले को भेज दिया है। आने वाले दिनों में मिशन पर काम करने का चयनित सदस्यों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। जल मिशन योजना के तहत प्रत्येक ग्राम में जल समितियां गठित होंगी समितिया गांव से करीब 1 लाख की राशि खाते में जमा करेंगी। पीएचई विभाग कार्ययोजना तैयार करेगा। एक गांव की योजना पर करीब 10 लाख का बजट खर्च होगा आधा बजट केंद्र और आधा बजट राज्य सरकार देगी। बजट स्वीकृत होने के बाद उस गावं की कार्ययोजना क्रियान्वित करने ठेका जारी किया जाएगा। सामान्य गांव के लिए जनभागीदारी राशि 10 प्रतिशत और आरक्षित गांव के लिए 05 फीसदी राशि जमा होगी। 1500 की जनसंख्या वाले गांव मे पेयजल टंकी बनेगी कम जनसंख्या वाले गांव में टयूब वैल से पाइप लाइन बिछाकर घर घर नल कनेक्शन जारी होगा। काम पूरा होने के बाद ठेकेदार 2 साल तक योजना को संचालित करने के बाद ग्राम पंचायत, ग्राम जल समिति के अधीन हस्तांतरित करेगा।
प्रशिक्षण के लिए चयनित सदस्य गांव
पीएचई के आरपी तिवारी के अनुसार जल मिशन के तहत पिपरिया ब्लॉक में कुल 169 ग्राम से 82 सदस्य प्रशिक्षण के लिए चयनित हुए है 87 ग्राम में सदस्यों का चयन और किया जाएगा। बनखेड़ी ब्लॉक में कुल 118 गांव में से 103 सदस्य चयनित हुए 17 ग्राम सदस्यों और चयनित होंगे। कक्षा 8वी उत्तीर्ण यह ग्राम सदस्य जल समिति में शामिल रहेंगे। चयनित सदस्यों को आने वाले दिनों में जल मिशन योजना के संदर्भ में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इन बिंदुओं पर बनेगी योजना
ग्रामीण परिवारों को फंक्शनल निजी नल कनेक्शन के तीन आउटलेट, किचन, बाथरुम एवं शौचालय को उपलब्ध कराना। पूर्व से चल रही नलजल योजनाओं में प्राथमिकता पर घरों में नल कनेक्शन उपलब्ध कराना। समुचित मात्रा में भूजल उपलब्ध है तो भूजल आधारित योजना तैयार होगी। फंक्शनल हैंडपंप में समुचित पेयजल की मात्रा होने पर उस परियोजना तैयार होगी। अजा, अजजा, पहाड़ी, वन क्षेत्र कमें सोलर पॉवर के आधर पर न्यूनतम संचालन संधारण व्यय वाली योजना को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रभावित क्षेत्रों में तालाब नदी आधारित योजना तैयार होगी।
इनका कहना है
जल मिशन पर दोनों ब्लॉक में प्रारंभिक कार्य प्रारंभ हो गया। ग्राम में जल समिति गठित हो ग्राम और ग्राम पंचायत से तीन सदस्यों को चयनित कर लिया है आने वाले दिनों में इन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा। सामान्य ग्राम में 10 फीसदा और आदिवासी गांव में 5 फीसदी जनभागीदारी राशि समिति खाते में जमा होगी। कार्ययोजना तैयार होने के बाद केंद्र और राज्य 50-50 फीसदी राशि योजना के लिए स्वीकृत करेगा। हर घर तक नल कनेक्शन पर चरणबद्ध कार्य चलेगा।
केजी माहेश्वरी, एसडीओ पीएचई