
इटारसी। होशंगाबाद जिले के इटारसी का हाईप्रोफाइल मामला अलका हत्याकांड का मामला इन दिनों काफी सुर्खियों में है। शहर के बड़े ज्वेलर्स एलकेजी ज्वेलर्स संचालक दिनेश गोठी के शामिल होने से यह अधिक सुर्खियों में है। गोठी और अलका के बीच डेढ़ दशक से भी अधिक समय से अंतरंग दोस्ती थी, इसका अंत इस तरह खौफनाक होगा इसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। दरअसल जब अलका ने इस दोस्ती के चलते गोठी को ब्लैकमेल करना शुरू किया तो उसे इसका खामियाजा अपनी जान देकर चुकाना पड़ा। हत्याकांड में गोठी के साथ बर्टादार फतेहचंद और नौकर अशोक के खिलाफ भी मामला दर्ज है।
१४ अगस्त से लापता थी अलका
अलका पालीवाल १४ अगस्त को लापता हुई थी। इस दिन शाम को अलका व्यवसायी दिनेश गोठी से मिलने का बोलकर घर से निकली थी। जिसके बाद से ही वह गायब थी। महिला के लापता होने की शिकायत परिजनों ने १५ अगस्त को सिटी थाने में दर्ज कराई थी।
ऐसे उतारा मौत के घाट
१४ अगस्त की शाम को गोठी ने अलका को रेलवे स्टेशन से अपनी कार में बैठाया। इसके बाद पुरानी इटारसी में पहले से खड़े फतेहचंद और अशोक धुर्वे को कार में बैठाकर प्रूफ रेंज के जंगल पहुंचे। दिनेश गोठी कार चला रहा थे। उसके बगल की सीट पर फतेहचंद बैठा था। दिनेश की पिछली सीट पर अशोक और उसके बाजू में अलका सवार थी। कार जैसे ही जंगल की तरफ मुड़ी अशोक ने गमछे से अलका का गला घोंटकर उसे मौत के घाट उतार दिया।
हत्या के बाद नर्मदा नहाने गए थे आरोपी
हत्या की वारदात के बाद सराफा व्यवसायी ने फतेहचंद और अशोक को पुरानी इटारसी में उनकी बाइक के पास छोड़ दिया। यहां से दोनों बाइक लेकर होशंगाबाद नर्मदा नदी में नहाने गए थे।
हत्या में उपयोग की गई कार बरामद
हत्या की वारदात में उपयोग की गई कार क्रमांक एमपी ०५ सीए ००५५ को पुलिस ने बरामद कर लिया है। आरोपियों की निशानदेही पर पथरौटा नहर की पुलिया के पास से मृतका का टूटा मोबाइल, पर्स, कागजात, पहाडिय़ा होशंगाबाद के पास की पुलिया से मृतिका की चप्पल और हत्या में उपयोग किया गया गमछा अशोक धुर्वे के घर से बरामद किया गया।
इस्तेमाल हो रहा था बिहार का नंबर
वारदात की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस ने जब अलका के परिवार के लोगों से मामले में पूछताछ शुरू की तो उन्हें एक मोबाइल नंबर दिया गया। बताया गया कि यह नंबर दिनेश गोठी का है। पुलिस ने सीडीआर, आईडी की जांच की तो पता चला कि नंबर बिहार का है। मोबाइल की लोकेशन का पता लगाने पर आर्डनेंस फैक्ट्री की तरफ लोकेशन का पता चला। इतना ही नहीं घटना के समय नंबर बंद हुआ और इसके बाद दोबारा चालू नहीं किया गया।
गोठी को मामा कहते थे बच्चे
अलका का बेटा प्रतीक और बेटी गार्गी दिनेश गोठी को मामा कहते थे। पुलिस ने बताया कि अलका और दिनेश के बीच पिछले १५-१६ साल से अंतरंग मित्रवत संबंध थे। टीआई चौहान ने बताया कि अलका अपने अंतरंग संबंध का फायदा उठाकर लंबे समय से गोठी से पैसे एंठ रही थी। जिससे परेशान होकर दिनेश ने षडयंत्र रच घटना को अंजाम दिया।
पुलिस टीम को दस हजार का इनाम
एडीशनएल एसपी शशांक गर्ग ने बताया कि हत्या की इस सनसनीखेज वारदात को सुलझाने के लिए एसपी अरविंद सक्सेना ने पुलिस टीम को दस हजार रुपए का इनाम देने की बात कही। एसडीओपी और टीआई के नेतृत्व में बनाई गई टीम में सब इंसपेक्टर लवकुश शर्मा, मदन पवार, सहायक उपनिरीक्षक संजय रघुवंशी, विजय सोनी, आर भागवेंद्र, हेमंत, भूपेश, अरविंद, राजेश, सुधीर, हरीश, अविनाश शामिल थे।
ऐसे सुलझी सनसनीखेज हत्या की वारदात
- अलका १४ अगस्त की शाम घर पर बताकर निकली थी कि वह सराफा व्यवसायी दिनेश गोठी से मिलने जा रही है।
- रेलवे स्टेशन के प्रवेश द्वार पर लगे सीसीटीवी और प्लेटफार्म नंबर ६-७ पर लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज में अलका बारह बंगला तरफ जाती दिखी।
- बारह बंगला से पुरानी इटारसी में एक बाइक शोरूम के पास एलकेजी संचालक की कार जाती नजर आई।
- अलका के मोबाइल कॉल डीटेल में एक सस्पेक्ट नंबर मिला। यह नंबर हत्या की वारदात में शामिल आरोपी फतेहचंद चौरे का निकला। यह दिनेश गोठी का बटाईदार है।
- फतेहचंद से कड़ाई से पूछताछ हुई तो उसने नौकर अशोक धुर्वे, दिनेश गोठी के साथ हत्या की वारदात करने के मामले का खुलासा कर दिया।
मृतका से सराफा व्यवसायी दिनेश गोठी के अंतरंग मित्रवत संबंध थे। महिला द्वारा की जा रही ब्लैकमेलिंग से तंग आकर आरोपियों ने हत्या की। तीनों आरोपियों के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज किया गया।
शशांक गर्ग,
एडिशनल एसपी, होशंगाबाद