
होशंगाबाद। घर की गुल्लक और पेटियों में होने वाली महिलाओं की बचत अब बैंक में जमा होने लगी है। यह बदलाव आया है। नोटबंदी के बाद। आज वल्र्ड सेविंग-डे है। ऐसे में में महिलाओं ने बताया कि वे बचत करने से पहले सोचती हैं कि कब सरकार फिर से नोटबंदी जैसा माहौल खड़ा कर दे पता नहीं। इसके बाद से जिले के 33 बैंकों में खुलने वाले बचत खातों की संख्या 1657173 पहुंच गई है। वहीं नोटबंदी के बाद से बचत और प्रधानमंत्री जनधन योजना के कुछ खाते 392266 हो गए हैं। पुरूषों ने 194594 और महिलाओं ने 197672 खाते खोले है। जनधन खातों में अभी तक 768304920 रूपए की राशि जमा की गई।
1. माया अग्रवाल कहती हैं कि सेविंग तो कर रहे हैं बस इसका तरीका बदल गया है। अब सोच समझकर सेविंग करना पड़ती है। घर की जगह बैंक में पैसे अधिक रखते हैं अभी भी साफ-सफाई के दौरान पुराने नोट निकले हैं जो किसी काम के नहीं हैं।
माया अग्रवाल, गृहणी
2. वंदना ओझा का कहना है कि नोटबंदी के बाद से बैंक खातों में सेविंग की जा रही है। क्योंकि नोटबंदी से काफी नुकसान हुआ है। पहले पतियों से छुपाकर साडिय़ों में रुपए रखते थे। वंदना बताती हैं कि आज भी दीवाली सफाई में 10 हजार के पुराने नोट मिले।
वंदना ओझा, गृहणी
2. नोटबंदी के पहले की गई ३० हजार की सेविंग किसी काम की नहीं थी, उस समय काफी परशानी हुई थी। अब तो बचत करने में भी डर लगता है। इसलिए बैंक में ही बचत करना ज्यादा उचित होता है।
अनुजा मिश्रा, गृहणी
बचत खातों की संख्या
बैंक खाता संख्या
भारतीय स्टेट बैंक - 547831
पंजाब नेशनल बैंक - 123519
सेंट्रल ग्रामीण बैंक - 143285
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया - 113782
बैंक ऑफ इंडिया -128000
यूको बैंक - 19891
केनरा बैंक - 2115
यूनियन बैंक - 16561
देना बैंक - 17746
जिला सह. केंद्रीय बैंक -239415