होशंगाबाद

Mahavir Jayanti Special: यहां के चैत्यालय में आज भी मौजूद है 250 साल पुराना ग्रंथ

65 साल बाद जैन समाज के लोगो ने किया वेदीसूतन
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Mahavir Jayanti Special: यहां के चैत्यालय में आज भी मौजूद है 250 साल पुराना ग्रंथ

होशंगाबाद। आज महावीर जयंती है। जैन समाज के लोग भगवान महावीर की जयंती मनाने के लिए तैयार है। आज जोरो-शोरो से विमान निकाला गया। वहीं होशंगाबाद शहर में जैन धर्मशाला के पास स्थित तारण तरण जैन चैत्यालय भी 1755 में स्थापित चैत्यालय है। इसमें वेदी पर जैन संप्रदाय के विशेष ग्रंथों की स्थापना की गई है। इस मंदिर की स्थापना 1755 में सेठ रतिचंद रामलाल गंजबासौदा और सिंघई निशानचंद बैतूल वालों के पूर्वजों ने की थी। 1984 में मंदिर का पुनर्निर्माण करवाया गया था। 2001 में तारण तरण चैत्यालय में कुछ संशोधन भी किए गए। 2019 में 65 साल बाद वेदीसूतन हुआ। इसमें ग्रंथों की वेदी को पवित्र करने का अनुष्ठान हुआ। समाज के सदस्यों ने इस अनुष्ठान में बढ़चढ़ कर योगदान दिया था। इसके अलावा मेनबोर्ड स्कूल के पास भी जैन समाज के प्राचीन मंदिर हैं। प्राचीन मंदिर में भगवान महावीर की प्रतिमा स्थापित है। अनुमान है कि यह मंदिर 150 साल से भी ज्यादा पुराना है। इस मंदिर में स्वयं भगवान महावीर की प्रतिमा स्थापित की गई है। जहां सकल जैन समाज के सदस्य भगवान महावीर की पूजा करते हैं।

यहंा भी स्थित है 21 फीट ऊंचे कीर्ति स्तंभ
इटारसी स्थित न्यास कॉलोनी में कीर्ति स्तंभ स्थापित किया गया है। जो आचार्य विद्यासागर महाराज के संयम स्वर्ण महोत्सव पर एक साल होगें। इसका लोकार्पण पिछली महावीर जयंती पर आर्यिंका संघ प्रमुख दुर्लभमति व अंतर्मति सहित 19 आर्यिकाओं के सान्निध्य में हुआ था। सफेद संगमरमर से निर्मित यह कीर्ति स्तंभ 21 फीट ऊंचा है। आधारशिला आदिनाथ जन्मोत्सव पर रखी गई थी।

आज मनाई धूमधाम से जयंती
आज सुबह 8.30 बजे शहर के मुख्य मार्गों से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इसमें मंदिरों के चांदी के विमानों मेंं श्रीजी और पावन ग्रंथ विराजमान थे। शोभायात्रा नेमिनाथ दिगंबर जैन मंदिर और वासुपूज्य स्वामी श्वेतांबर मंदिर से शुरू होकर पहली लाइन के तारण तरण चैत्यालय व पाश्र्वनाथ मंदिर से होते हुए परंपरागत मार्गों से होकर निकली। शहर में घरों के सामने धर्मावलंबी भगवान की आरती उतारकर श्रीफल अर्पित करेंगे।

Published on:
17 Apr 2019 05:49 pm