धारवाड़ में होली का पर्व पूरे उत्साह और पारंपरिक रंगों के साथ मनाया गया। शहर में विभिन्न युवा संगठनों और स्थानीय समितियों की ओर से रंगों के इस उत्सव को लेकर जोश दिखा। इस बार होली समारोह में रेन डांस और मटकी फोड़ प्रतियोगिता मुख्य आकर्षण रहे। शहर के प्रमुख चौराहों और सड़कों को रंग-बिरंगे […]
धारवाड़ में होली का पर्व पूरे उत्साह और पारंपरिक रंगों के साथ मनाया गया। शहर में विभिन्न युवा संगठनों और स्थानीय समितियों की ओर से रंगों के इस उत्सव को लेकर जोश दिखा। इस बार होली समारोह में रेन डांस और मटकी फोड़ प्रतियोगिता मुख्य आकर्षण रहे। शहर के प्रमुख चौराहों और सड़कों को रंग-बिरंगे बैनरों, पताकाओं और सजावट से सुसज्जित किया गया था जिससे पूरे शहर में उत्सव का माहौल नजर आया। धारवाड़ की होली में कामन्ना और रति की प्रतिमाएं विशेष आकर्षण का केंद्र रही। इन्हें शहर के कई सार्वजनिक स्थानों पर स्थापित किया गया जहां बच्चे और युवा ढोल-नगाड़ों की ताल पर नाचते-गाते नजर आए।
प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए
होली से एक दिन पहले होली हुन्नीमे के अवसर पर कामन्ना के पुतलों का दहन किया जाता है। इसके पहले पूजा-अर्चना कर धार्मिक विधि-विधान निभाए जाते हैं, जिसके बाद लोग एक-दूसरे को रंग और गुलाल लगाकर पर्व की खुशियां मनाते हैं। करीब 150 वर्षों से चली आ रही यह परंपरा आज भी लोगों को आकर्षित करती है। शहर के भूसगल्लि और कामनाकट्टी क्षेत्रों में स्थापित प्रतिमाएं विशेष रूप से प्रसिद्ध मानी जाती हैं। उत्सव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए थे। शहर में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही थी।