
समारोह में अयोध्या (उत्तरप्रदेश) से पधारीं कथावाचिका एवं सुभद्रा कृष्ण सेवा संस्थान अयोध्या की संस्थापक सुभद्रा कृष्ण मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। उन्होंने बच्चों के माथे पर तिलक और अक्षत लगाकर उनकी कलाई पर राखी बांधी। इस दौरान बच्चों के चेहरे पर खुशी और उत्साह नजर आया। महिलाओं ने भी बच्चों के साथ रक्षाबंधन का पर्व आत्मीयता के साथ मनाया।
दूसरों के जीवन में खुशियां लाना ही सच्ची पूजा
सुभद्रा कृष्ण ने आशीर्वचन देते हुए कहा कि निजी जीवन के साथ समाज के लिए कार्य करना ही सच्ची साधना और आराधना है। किसी के चेहरे पर खुशी लाना और किसी का जीवन संवारने में योगदान देना ही सच्ची पूजा है। यदि जीवन में सच्ची पूजा और आराधना करनी है तो अपना जीवन दूसरों की सेवा के लिए समर्पित करना चाहिए। उन्होंने बताया कि सुभद्रा कृष्ण सेवा संस्थान, अयोध्या की ओर से गरीब और अनाथ बच्चों की शिक्षा के लिए कार्य किया जा रहा है।
बच्चों को आगे बढऩे का दिया संदेश
सनातन सेवा संगठन चैरिटेबल ट्रस्ट के कार्यकारिणी सदस्य कांतिलाल पुरोहित ओडवाड़ा की ओर से बच्चों के लिए राखी एवं आवश्यक सामग्री उपलब्ध करवाई गई। उन्होंने भी समारोह को संबोधित करते हुए बच्चों को जीवन में निरंतर आगे बढऩे और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य हासिल करने की सीख दी। समारोह के प्रारंभ में राजस्थान पत्रिका हुब्बल्ली के संपादकीय प्रभारी अशोक सिंह राजपुरोहित ने राजस्थान पत्रिका के सामाजिक सरोकारों की जानकारी दी। उन्होंने रक्षाबंधन के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में संवेदना, भाईचारे और अपनत्व की भावना को मजबूत करते हैं।
कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
बाबा रामदेव मरुधर सेवा संघ हुब्बल्ली के अध्यक्ष उदाराम प्रजापत थलवाड़ ने सुभद्रा कृष्ण का शाल ओढ़ाकर सम्मान किया। समारोह में बाबा रामदेव मरुधर सेवा संघ हुब्बल्ली के उपाध्यक्ष चैनाराम चौधरी, बाबा रामदेव मरुधर युवा संघ के वरिष्ठ सदस्य केसाराम चौधरी हरजी, धर्मेन्द्र माली कोसेलाव, रामरतन चौधरी और गौरव वैष्णव शर्मा मौजूद रहे। अयोध्या से पधारीं मीरा शर्मा के साथ हुब्बल्ली से सूजी देवी चौधरी, फूली देवी पटेल, कल्पना पटेल और जमूदेवी पटेल ने भी सहभागिता की। महिलाओं ने सभी बच्चों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लम्बी उम्र की कामना की।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
समारोह में स्कूल की छात्राओं श्वेता, लिम्बोरा, निर्मला, सुखीबाई और नीगा ने प्रार्थना प्रस्तुत की। छात्रा नीलम ने नृत्य और छात्र गंगाधर ने गायन की प्रस्तुति दी। वार्डन वीरेश एस. हट्टी भी मौजूद रहे।