यात्री हितार्थ संघर्ष समिति ने रेलवे महाप्रबंधक को सौंपा ज्ञापन
रेल सेवाओं के विस्तार की मांग
हुब्बल्ली में यात्रियों की बढ़ती परेशानियों को लेकर एक बार फिर रेल सेवाओं के विस्तार की मांग जोर पकड़ती दिख रही है। यात्री हितार्थ संघर्ष समिति के सदस्यों ने दक्षिण पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक पी. अनंत से भेंट कर विभिन्न रेल सुविधाओं और समस्याओं को लेकर विस्तार से चर्चा की। इस महत्वपूर्ण बैठक में यात्रियों से जुड़े हर प्रमुख मुद्दे को विस्तार से रखा गया। महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपकर राजस्थान और गुजरात की दिशा में नई ट्रेनों, फेरे बढ़ाने और स्टॉपेज की मांग उठाई है।
ट्रेनों में लम्बी प्रतीक्षा सूची
समिति का कहना है कि बेंगलूरु-मैसूर-हुब्बल्ली रेलखंड पर पूरे वर्ष भारी भीड़ रहती है, खासकर राजस्थान और गुजरात जाने वाले यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल हो गया है। वर्तमान में चल रही ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट 150 से ऊपर पहुंच रही है, जिससे हजारों यात्रियों को यात्रा से वंचित रहना पड़ रहा है। ज्ञापन में प्रमुख रूप से हुब्बल्ली से जोधपुर, अहमदाबाद और अजमेर के लिए दैनिक ट्रेनों की शुरुआत की मांग की गई है। इसके साथ ही यशवंतपुर-बाड़मेर साप्ताहिक ट्रेन को दैनिक करने, हुब्बल्ली-तिरुपति और हुब्बल्ली-भावनगर के लिए नई ट्रेन शुरू करने का प्रस्ताव भी रखा गया है। समिति ने स्पष्ट किया कि गुजरात के पालिताना जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के लिए सीधी रेल सेवा यात्रियों की बड़ी आवश्यकता है।
कई ट्रेनों में स्टॉपेज बढ़ाने की मांग
इसके अलावा कई ट्रेनों में स्टॉपेज बढ़ाने की मांग भी रखी गई है, जिसमें फालना, हावेरी, अरसीकेरे और टुमकुर जैसे स्टेशन शामिल हैं। समिति ने मिरज-बीकानेर ट्रेन को हुब्बल्ली से चलाने और चेन्नई-हुब्बल्ली ट्रेन को मिरज तक विस्तार देने का सुझाव भी दिया है, ताकि कर्नाटक और महाराष्ट्र के यात्रियों को सीधी कनेक्टिविटी मिल सके। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि वर्तमान में लगभग 15 हजार यात्री साप्ताहिक ट्रेनों से यात्रा कर रहे हैं, जबकि वास्तविक मांग 50 हजार यात्रियों तक पहुंच चुकी है। ऐसे में नई ट्रेनों की तत्काल आवश्यकता बताई गई है। समिति ने पुराने विशेष ट्रेनों को पुन: शुरू करने की मांग के साथ-साथ बेंगलूरु-हुब्बल्ली-पुणे को हाई-स्पीड कॉरिडोर में शामिल करने का भी आग्रह किया है। साथ ही प्रस्तावित वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हुब्बल्ली के रास्ते चलाने और उसके समय को यात्रियों के अनुकूल बनाने की मांग भी उठाई गई है।
तत्काल समाधान के निर्देश
समिति के संयोजक सुभाष सिंह जमादार एवं उत्तम ओ. साटिया ने बिंदुवार तरीके से सभी मांगों और समस्याओं को महाप्रबंधक के सामने प्रस्तुत किया। बैठक के दौरान महाप्रबंधक ने विषयों की गंभीरता को देखते हुए बीच बैठक में ही संबंधित रेलवे अधिकारियों से दूरभाष पर बातचीत कर तत्काल समाधान के निर्देश भी दिए। इस दौरान विशेष रूप से राजस्थानी समाज के यात्रियों को हो रही परेशानियों पर फोकस किया गया, जिस पर रेलवे प्रशासन ने सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया।
यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद
इसी अवसर पर आईआरएस रेलवे अधिकारी मुकेश जैन, जो राजस्थान के पाली जिले के राणावास गांव के निवासी हैं, से भी समिति के सभी सदस्यों ने भेंटवार्ता कर उनका स्वागत किया। उन्होंने संघर्ष समिति को पूर्ण सहयोग देने का विश्वास दिलाया। बैठक में दूदाराम पटेल, पर्बतसिंह खींची, सतीश माली, अमृत जैन, बाबूलाल सिरवी, बाबूलाल जैन, महेंद्र पालगोता, धर्मेन्द्र माली, त्रिवेंद्रम खत्री, ईश्वर शर्मा और अभिषेक मेहता सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। समिति ने उम्मीद जताई कि इस बैठक के बाद यात्रियों को जल्द राहत मिलेगी और रेल सेवाओं में आवश्यक सुधार देखने को मिलेगा।