कर्नाटक मेडिकल कॉलेज एवं रिसर्च इंस्टीट्यूट ने मदर एंड चाइल्ड हेल्थ विभाग में मरीजों व उनके परिजनों की बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने तथा सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए क्यूआर कोड आधारित एंट्री सिस्टम लागू किया है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार यह व्यवस्था पहले पायलट आधार पर मुख्य प्रवेश द्वार पर शुरू की […]
कर्नाटक मेडिकल कॉलेज एवं रिसर्च इंस्टीट्यूट ने मदर एंड चाइल्ड हेल्थ विभाग में मरीजों व उनके परिजनों की बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने तथा सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए क्यूआर कोड आधारित एंट्री सिस्टम लागू किया है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार यह व्यवस्था पहले पायलट आधार पर मुख्य प्रवेश द्वार पर शुरू की गई थी और इसका परिणाम सकारात्मक रहा है। अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 30 से 35 प्रसव मामले दर्ज होने के कारण बड़ी संख्या में रिश्तेदार और अटेंडेंट अस्पताल पहुंचते हैं, जिससे वार्डों में भीड़ और अव्यवस्था की स्थिति बन जाती थी। कई बार सुरक्षा कर्मियों से बहस और जबरन वार्ड में प्रवेश जैसी घटनाएँ भी सामने आईं। करीब 20-25 दिन पहले लागू किए गए नए सिस्टम के तहत मरीज के साथ केवल एक अधिकृत अटेंडेंट को प्रवेश की अनुमति दी जाती है। उसे क्यूआर कोड युक्त पास जारी किया जाता है, जिसे प्रवेश और निकास के समय गेट पर लगे सेंसर के सामने स्कैन करना अनिवार्य है। अस्पताल के एक अधिकारी ने बताया कि सामान्य प्रसव वाले मरीजों के अटेंडेंट को तीन दिन और सिजेरियन डिलीवरी के मामलों में सात दिन का पास दिया जाता है। इस व्यवस्था से आगंतुकों की आवाजाही पर बेहतर नियंत्रण संभव हुआ है और अस्पताल परिसर की सुरक्षा भी मजबूत हुई है। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि लगभग सात लाख रुपए की लागत से यह सॉफ्टवेयर आधारित सिस्टम लगाया गया है और आने वाले समय में इसे अन्य विभागों में भी लागू करने की योजना है।