आंजणा समाज के आराध्य, दिव्य पुरुष और लोककल्याण के प्रतीक राजेश्वर भगवान का जीवन त्याग, सेवा और धर्म की प्रेरणा देने वाला रहा है। उन्होंने समाज में न्याय, सदाचार और सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। वे सिर्फ एक आराध्य नहीं, बल्कि एक जीवन पद्धति हैं जिनका आदर्श आज भी आंजणा समाज को दिशा दिखाता है।
राजेश्वर भवन में हुए कई धार्मिक आयोजन
राजेश्वर भगवान की 143 वीं जन्म जयंती श्रद्धा और भक्ति से मनाई गई। इस अवसर पर श्री आंजणा पटेल समाज सेवा संघ हुब्बल्ली-धारवाड़ के तत्वावधान में हुब्बल्ली के गोकुल रोड स्थित राजेश्वर भवन में कई धार्मिक आयोजन हुए। इस अवसर पर समाज के लोगों ने कहा कि यह पावन अवसर न केवल हमारी धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक एकता, सामाजिक मूल्यों और आत्म-सम्मान की भावना को भी सशक्त करता है।
शिक्षा के प्रति जागरूकता जरूरी
आंजणा समाज के लोगों ने कहा कि जब हम उनकी 143वीं जयंती मना रहे हैं तब यह आवश्यक हो जाता है कि हम उनके उपदेशों और जीवन मूल्यों को आत्मसात करें। समाज में आपसी सहयोग, शिक्षा के प्रति जागरूकता, युवा पीढ़ी में नेतृत्व के गुण और नारी सशक्तिकरण की भावना को बढ़ावा देना, यही उनके बताए रास्ते पर चलने का सच्चा तरीका है। समाज के लोगों ने कहा कि यह जयंती केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि एक अवसर है, स्वयं को फिर से उनके विचारों के अनुरूप ढालने का, समाज के लिए कुछ कर दिखाने का और अपनी संस्कृति को गौरव देने का। समाज के लोगों ने कहा कि इस पावन अवसर पर एकजुट होकर, प्रेम, भाईचारे और विकास की भावना के साथ आगे बढ़ें। यही राजेश्वर भगवान के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
हां रै मीठौ बोलणौ इण…
प्रारम्भ में श्री राधे कृष्णा एवं श्री राजेश्वर भगवान मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। राजस्थान से आई भजन मंडली ने एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति दी। राजेश्वर भवन में आयोजित कार्यक्रम में बगदाराम, मनीष सुथार गुड़ामालानी, अनुसूया पटेल रामा के साथ ही स्थानीय भजन गायक रमेश करड़ ने सुन्दर भजन पेश किए। हां रै मीठौ बोलणौ इण…, गुरुदेव कहे सुण चेला थारा जनम सफल कद वैला…, समेत अन्य भजनों के बोल पर श्रोताओं ने भी पूरा साथ दिया। इस बीच कई श्रोता नाचने पर मजबूर हो गए। इस मौके पर वार्षिक चढ़ावों में भी समाज के लोगों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया।
कई गणमान्य लोग थे उपस्थित
इस मौके पर गदग जिला समाज संस्था के अध्यक्ष भोलाराम करड़, गोविंदराम काला, हेमाराम मालवी समेत अन्य शहरों सेे भी समाज के बन्धु शामिल हुए। श्री आंजणा पटेल समाज सेवा संघ हुब्बल्ली-धारवाड़ के अध्यक्ष सोपाराम काग, उपाध्यक्ष मूलाराम सोलंकी, सचिव वगताराम तरक, सहसचिव छोगाराम काग, कोषाध्यक्ष हराराम ठों, उप कोषाध्यक्ष मालाराम मालवी, समाज के वरिष्ठ सदस्य दूदाराम कोदंली, चेनाराम काग, पीराराम मालवी, किरण पोण, मूलाराम कोदंली, सांवलराम तरक, कोजराज सोलंकी, कृष्ण पटेल, सांवलराम आईडी, सेवडऱाम ठों, वेलाराम सीह, वीरमाराम करलु, डूंगरराम काग, दानाराम सोलंकी, उत्तम बग, धनाराम ठों, सोमाराम मालवी, मालाराम सीह, लालाराम भूरिया, पदमाराम मालवी, शेराराम ठों, पीराराम ठों, अणदाराम तरक, सोमाराम हारणी, कानाराम कूकल, ओमाराम कोंदली, रूपाराम ठों समेत समाज के कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। श्री आंजणा पटेल समाज सेवा संघ हुब्बल्ली-धारवाड़ के प्रवक्ता किशोर पटेल गोलिया चौधरियान ने समारोह का बेहतरीन संचालन किया।