
इंदौर। मेट्रोपॉलिटन इंदौर के सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट मेट्रो ट्रैक के निर्माण की रफ्तार पकड़ने के बाद अब ट्रेन भी एक कदम आगे बढ़ी है। गुरुवार को मेट्रो कॉर्पोरेशन ने इंदौर व भोपाल में मेट्रो ट्रेन (रोलिंग स्टॉक) के लिए खरीदने के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टेंडर जारी कर दिए। कॉर्पोरेशन इंदौर के लिए 75 व भोपाल के लिए 81 कारें (डिब्बे) खरीदेगा। इसकी डिलीवरी 2023 में मांगी है। इस पर 2145 करोड़ रुपए खर्च होंगे। कॉर्पोरेशन के इस कदम से एक बात तय है कि दिसंबर-2023 से पहले शहर में प्रायोरिटी कॉरिडोर एयरपोर्ट से सुपर कॉरिडोर-मुमताज बाग तक मेट्रो दौड़ने लगेगी। बता दें कि पहले चरण की शुरुआत 2019 में हुई थी। दूसरे चरण का काम 19 नवंबर से शुरू होने जा रहा है।
22 मीटर का डिब्बा
मेट्रो ट्रेन के डिब्बे या कार की लंबाई लगभग 22 मीटर होगी। मेट्रो में इंजन के साथ तीन कारें (डिब्बे होंगी। इसकी लंबाई करीब 130 मीटर होगी। इसमें 800 से ज्यादा यात्री सफर कर सकेंगे। कारें वातानुकूलित होंगी।
15 साल करना होगा रखरखाव
कॉर्पोरेशन ने मानक गेज कार का निर्माण डिजाइन, कमीशन, प्रशिक्षण व परीक्षण के साथ की। है। इसका रखरखाव 15 साल तक करना होगा। सिग्नलिंग, ट्रेन नियंत्रण व दूर संचार प्रणाली भी इसमें शामिल रहेंगी।
इसलिए जागीं उम्मीदें
- पहले चरण का काम शहर में तेजी से चल रहा है।
- दूसरे चरण का काम भी अब शुरू होने जा रहा है।
- डिपो के लिए टेंडर जारी हो चुके हैं।
- ट्रेन खरीदी की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
- 16 किमी के प्रायोरिटी कॉरिडोर में साइट क्लीयर है।
- अंडरग्राउंड ट्रैक के लिए मिट्टी परीक्षण हो चुका है।
- राशि की परेशानी नहीं है, कामोंकि बैंक लोन मंजूर है।
- अब ट्रेन खरीदी की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।