घाटी हादसों में मरने वालों की संख्या 34 फीसदी कम
इंदौर @ न्यूज टुडे.
वर्ष की शुरुआत में डीपीएस बस हादसे ने हिला कर रख दिया था। हालांकि बीते साल के फरवरी और इस फरवरी के आंकड़े कहते हैं कि शहर में होने वाले सडक़ हादसों में कमी आई है। ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों के अनुसार फरवरी 2017 के मुकाबले फरवरी 2018 में 133 हादसे कम हुए। सडक़ हादसों में अकाल ही जान गवाने वालों की संख्या में भी कमी आई है।
फरवरी 2017 में 394 हादसे दर्र्ज किए गए थे। इनमें 34 लोगों की जान गर्ई थी। 15 गंभीर रूप से घायल हो गए थे। फरवरी 2018 की बात करें तो 261 हादसे हुए। इनमें 26 की मौत हुई, जबकि दो गंभीर रूप से घायल हुए। धारा 337 के तहत 280 केस 2017 में तो 208 इस साल दर्ज किए गए हैं।
जनवरी में 42 मौतें
डीपीएस बस हादसे में ही 5 मौतें हो गई थीं। जनवरी में 354 हादसे हुए। इनमें 42 की मौत हुई है, जो पिछले वर्ष से दो कम हैं। पिछली जनवरी में 455 हादसे दर्ज हुए थे। इनमें 44 की मौत हो गई थी, जबकि 31 गंभीर घायल हुए थे।
10 प्रतिशत का आदेश
पुलिस सूत्रों के अनुसार मुख्यालय से एक आदेश जारी किया गया, जिसमें शहर में हादसों में कमी लाने के लिए कहा गया। पुलिस को आदेशित किया था कि कम से कम 10 प्रतिशत की कमी तो होना चाहिए। इस साल रिपोर्ट में लगभग 34 प्रतिशत की कमी आई है।
8 को भोपाल में जुटेगा प्रजापत समाज
प्रजापत समाज सालों से बदहाली का शिकार है। यूं तो इसकी सदस्य संख्या काफी अधिक है, लेकिन राजनैतिक नेतृत्व की कमी के चलते समाज विकास मान से पीछे हैं। इसे लेकर ८ अप्रैल को प्रदेशभर के समाजजन भोपाल में एकत्रित होकर उचित प्रतिनिधित्व की मांग करेंगे। समाजसेवी राजू प्रजापत ने कहना है कि शहर में प्रजापत समाज की आबादी ६० हजार है, लेकिन हर क्षेत्र में समाज पीछे है। प्रतिनिधित्व न होने से समाज का विकास अटका हुआ है। समाज को आरक्षण चाहिए। लोग चाहते हैं कि उन्हें आबादी के हिसाब से राजनीति, खेलकूद, विकास योजनाओं में उचित भागीदारी मिले। ऐसे कई मुद्दों पर ८ अप्रैल को प्रदेशभर से समाजजन भोपाल में जुटेंगे। मुख्यमंत्री से मिलकर मांग की जाएगी कि समाज को आबादी के अनुपात में प्रतिनिधित्व मिले।