
इंदौर। बांग्लादेशी सेक्स रैकेट ने फर्जी दस्तावेज के आधार पर पासपोर्ट के साथ आधार कार्ड, पैन कार्ड बना लिए। पुलिस ने राष्ट्रीय एजेंसी को इनकी जानकारी देने के साथ आरोपियों पर एक और केस दर्ज करने जा रही है। अवैध रूप से बांग्लादेश से युवतियों को लाकर देह व्यापार कराने वाले गिरोह के मुख्य सरगना मामून उर्फ विजय दत्य, बबलू उर्फ पलाश सहित पांच आरोपियों को पकड़ा है।
मुख्य आरोपी मामून हैं लेकिन जब बबलू से पूछताछ हुई तो पता चला कि वह मुख्य आरोपी को संरक्षण देता था और एजेंट का काम करता था। आरोपी की कोलकाता में संपत्तियां है। वह बांग्लादेशी युवतियों के आने के बाद जो पसंद आ जाए, उससे शादी कर अपने साथ रखता था। बड़ी संख्या में प्रेमिका बना रखी थी। बाद में उनसे देह व्यापार करता था। उसने इस व्यवसाय से ही संपत्तियां खरीदी है।
इधर, मामून के नालासोपारा मुंबई स्थित फ्लैट की जांच में फर्जी दस्तावेज मिले। बड़ी संख्या में मोबाइल सिम मिली है। मामून की पत्नी जोसना खातून का यहां आरोपी ने जोसना दत्य के नाम से आधार कार्ड बनवाया था। पैन कार्ड बना, जिसमें जोसना विजय विश्वास नाम लिखा है और पिता का नाम बबलू विश्वास लिखा है। विजयनगर टीआइ तहजीब काजी के मुताबिक, आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज के आधार पर असली पासपोर्ट, आधार कार्ड, पैन कार्ड बनवा लिए। राष्ट्रीय एजेंसियों को पुलिस सूचना दे रही है। अलग केस भी दर्ज किया जा रहा है।
इंटरनेशनल रैकेट का हुआ था खुलासा
बीते दिनों अंतरराष्ट्रीय रैकेट का पर्दाफाश करते हुए इंदौर पुलिस ने उसके बांग्लादेशी सरगना समेत नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया था। मामून पिता तफज्जुल हुसैन निवासी पावना, बांग्लादेश भारत में 10 साल से देह व्यापार का रैकेट चला रहा था। भारत में दाखिल हुए इस बदमाश ने पहले हिन्दू नाम से राशन कार्ड बनवाया। फिर वोटर आइडी, आधार कार्ड व पासपोर्ट बनवाया। इसी के जरिए वह विदेश यात्राएं करता था।
मामून कभी किसी एजेंट से रूबरू नहीं हुआ। एजेंट उसे विजय नाम से जानते थे। वह पकड़े जाने के डर से हर तीसरे दिन मोबाइल तोड़ देता था। उसकी पत्नी जोसना खातून बांग्लादेश में लड़कियों के कल्याण से जुड़ा एनजीओ चलाती है। वहीं युवतियों को काम के बहाने भारत भेजती थी। यहां पति लड़कियों को देशभर में संचालित देह व्यापार के दलदल में धकेल देता था। मामून मुंबई, सूरत, अहमदाबाद के दूसरी और हवाला कारोबारियों के संपर्क में था उनके जरिए वह बांग्लादेश में रुपए भेजता था।