MP News: कई उपभोक्ता बगैर तौल के गैस सिलेंडर ले रहे हैं और कालाबाजारी करने वालों की चालबाजी का शिकार हो रहे हैं।
MP News: गैस सिलेंडरों को लेकर उपभोक्ताओं की परेशानी कम नहीं हो रही है। पहले सिलेंडरों की कालाबाजारी की शिकायतें सामने आईं। खाद्य एवं आपूर्ति प्रशासन विभाग ने घरेलू गैस सिलेंडर से व्यावसायिक गैस सिलेंडर में अवैध गैस रिफिल के केस भी पकड़े। अब कम वजन वाले गैस सिलेंडर घर पहुंचाए जा रहे हैं। सिलेंडर पूरी तरह पैक था। एक उपभोक्ता ने जब अपने घर पहुंचे सिलेंडर का वजन कराया तो उसमें निर्धारित मात्रा से कम 3 किलो 170 ग्राम एलपीजी कम पाई गई।
कई उपभोक्ता बगैर तौल के गैस सिलेंडर ले रहे हैं और कालाबाजारी करने वालों की चालबाजी का शिकार हो रहे हैं। नियमानुसार गैस एजेंसियों को हर उपभोक्ता को सिलेंडर का वजन कर देना होता है। डिलीवरी के समय उपभोक्ता के पास पोर्टेबल वेट मशीन होनी चाहिए या एजेंसी की ओर से यह सुविधा उपलब्ध करानी चाहिए। हकीकत यह है कि इस नियम का पालन नहीं हो रहा है। सभी हॉकर बिना तौल के सिलेंडर दे रहे हैं।
उपभोक्ता नवनीत मेहता ने विजय नगर स्थित एक गैस एजेंसी से सिलेंडर बुक किया। 11 अप्रेल को सिलेंडर डिलीवरी के लिए एक युवक आया। भुगतान करने के बाद बेटे हर्ष ने गैस सिलेंडर उठाया तो वजन कम लगा। हॉकर से पूछा तो उसने कहा कि गैस पूरी है। उपभोक्ता ने वजन करने की बात कही, लेकिन हॉकर के पास वेट मशीन नहीं थी। इसके बाद पास की एक दुकान पर सिलेंडर का वजन कराया।
इस दौरान 14.2 किलो के घरेलू गैस सिलेंडर में 3.17 किलो गैस कम पाई गई। इस पर हॉकर घबराकर वहां से चला गया। कुछ देर बाद सही वजन का सिलेंडर लाकर उपभोक्ता को दिया। हर्ष ने बताया कि पिता के नाम से कनेक्शन है। गैस कम होने की शिकायत फोन पर गैस एजेंसी और सीएम हेल्प लाइन पर की। दोनों जगह से कोई रिस्पांस नहीं मिला।
सिलेंडर में तय मात्रा से कम गैस होने पर कार्रवाई की जाएगी। आप मुझे उपभोक्ता का नंबर दीजिए, मैं रैंडम जांच भी कराऊंगा। उपभोक्ताओं से अपील है कि अगर तय वजन से कम गैस मिलती है तो शिकायत करें। ऐसे सिलेंडर को रख लें, ताकि उचित कार्रवाई की जा सके। एमएल मारू, खाद्य आपूर्ति नियंत्रक अधिकारी
-डिलीवरी के समय सिलेंडर का वजन जांच सकते हैं।
-बिल या रसीद प्राप्त कर सकते हैं, जिसमें कीमत और अन्य विवरण हो।
-सिलेंडर में गड़बड़ी होने पर उसे बदलने की मांग की जा सकती है।
-एजेंसी द्वारा तय दर से अधिक कीमत वसूलना गैरकानूनी है।
-संबंधित गैस एजेंसी, जिला खाद्य आपूर्ति कार्यालय या उपभोक्ता फोरम में शिकायत की जा सकती है।